LIVE मर्डर: भीड़ देखती रही और जेबकतरों ने किसान को चाकुओं से गोद डाला

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब तक की सबसे शर्मनाक घटना, पुलिस थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर हत्या

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुंडों-बदमाशों पर लगाम लगाने और उन्हें सबक सिखाने की बात कई बार कह चुके हैं, पर इस बात की न तो पुलिस के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही आम जनता की। गुंडे-बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि भोपाल में मंगलवार को चलती बस में 52 यात्रियों की भीड़ के सामने तीन जेब कतरों ने एक किसान की बेरहमी से हत्या कर दी। ये किसान मुख्यमंत्री आवास जा रहा था। उसे आर्थिक मदद की जरूरत थी, इसलिए सीएम से मिलना चाहता था, पर उसके पहले ही किसान को बेरहमी से मार दिया गया। सबसे बड़ी बात ये है कि घटना जहां हुई, वहां से कोहेफिजा पुलिस स्टेशन महज 50 मीटर की दूरी पर था। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने भोपाल पुलिस पर कई सवालिया निशान लगा दिए हैं। आइए हम बताते हैं इस पूरी घटना की एक-एक कड़ी....





जीजा के साथ था कमल
ग्राम टांडा बैरसिया के किसान कमल सिंह (26) ने मंगलवार को एलबीएस हॉस्पिटल के पास बाइक खड़ी की और रूट एसआर-5 की लो-फ्लोर बस में जीजा हिम्मत सिंह के साथ सवार हुआ। जीपीओ तिराहे से इसी बस में तीन युवक और सवार हुए। जब बस रॉयल मार्केट हमीदिया अस्पताल के गेट पर पहुंची, तो कमल की जेब में रखे 20 हजार रुपए चुरा लिए गए। कमल ने जेब कटने के बारे में जब पास खड़े युवकों से बात की तो वे बहस करने लगे। तब विवाद बढऩे लगा। जैसे ही बस ओवरब्रिज कोहेफिजा थाने के सामने पहुंची, तो तीनों ने कमल पर चाकुओं से वार कर दिए।







लोग चिल्लाते रहे, पर मदद को कोई आगे नहीं आया
हमला होते ही बस में चीख-पुकार मच गई। इसी बीच तीनों हमलावर चलती बस से कूदकर भाग निकले। बस रुकने पर कमल को हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है।







भांजे के इलाज के लिए जुटा रहा था पैसे 
मृतक के जीजा हिम्मत ने बताया कि उसका चार साल का बेटा कान्हा बीमार है। उसका हाथ भी फ्रेक्चर है। अपने भांजे के इलाज के लिए ही कमल किसी से कर्ज लेने के लिए भोपाल आया था। वह सरकारी सहायता पाने के लिए कलेक्ट्रेट में फॉर्म लेने जाने के लिए ही बस में बैठा था।




दो दिन पहले कैमरा बंद
भोपाल में बीसीएलएल की 225 बसों में से 152 लो-फ्लोर बसें ही चल रही हैं। इनमें से 140में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिस बस में हत्या हुई, उसका कैमरा दो दिन पहले ही खराब हो गया था।







तीनों संदिग्धों के नाम पता लगे
एसपी नॉर्थ अरविंद सक्सेना ने बताया कि फरार तीनों आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया गया है। हुलिए के आधार पर तीनों आरोपियों के नाम मिल गए हैं। उन्हें जल्द दबोचेंगे। पुलिस ने 11 अन्य जेब कतरों को भी हिरासत में लिया है। इनसे भी पूछताछ की जा रही है।
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Brajendra Sarvariya
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