3 महीने में 18 बार बढ़े पेट्रोल के दाम, कालिख पोतकर किया प्रदर्शन..

3 महीने में 18 बार बढ़े पेट्रोल के दाम, कालिख पोतकर किया प्रदर्शन..

KRISHNAKANT SHUKLA | Publish: Sep, 10 2018 10:41:16 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

3 महीने में 18 बार बढ़े पेट्रोल के दाम, कालिख पोतकर किया प्रदर्शन..

भोपाल। महंगाई की मार से परेशान जनता अब पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी कांग्रेस के भारत बंद का समर्थन कर रही है। लेकिन रोज रोटी के दुकानदार कई दिनों तक बंद का समर्थन नहीं सकती इसलिए कांग्रेसियों ने दुकानदारों से दोपहर तक का समर्थन मांगा है। राजधानी भोपाल में भारत बंद का आंशिक असर देखने को मिला है।

हबीबगंज रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर चाय नाश्ता की दुकानें कुछ बंद नजर आयी तो कुछ खुली रही। जिससे दुकानों पर चाय नाश्ता के लिए यात्रियों की भीड़ देखी गयी। कांग्रेस के भारत बंद के चलते सुबह से ही शहर के मुख्य मार्गों और बाजार पर जगह-जगह पुलिस तैनात रही।

सामान्य वर्ग के लोगों ने किया विरोध

सामान्य वर्ग के लोगों का कहना है हम यहां पर दुकान लगाकर बैठे हुए है, जब एससी एसटी एक्ट आ रहा था उस समय राजनीतिक पार्टियों ने मूकदर्शक बनकर समर्थन कर रही थी। ये सब चोर चोर मोसेरे भाई हैं। राजनीतिक पार्टियां राजनीतिक रोटी सेकने के लिए कभी पेट्रोल पंप के खिलाफ भारत बंद करा रही हैं और जनता को गुमराह कर रही है। ये सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं और इसलिए आज सामान्य वर्ग के लोगों ने दुकान लगाकर विरोध स्वरूप दुकान लगाई और राजनेताओं के चेहरे पर कालिख पोती जिससे कि यह जान जाए कि हम अब इनके बहकावे में नहीं आने वाले।

3 महीने में 18 बार बढ़े पेट्रोल के दाम

तीन महीने में 18 बार पेट्रोल की कीमत में वृद्धि हुई है। जबकि, कमी केवल आठ बार आई। डीजल की कीमतें 22 बार बढ़ी और 10 बार कम हुई। सरकार का तर्क है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे सरकार को कोई फायदा नहीं हो रहा, बल्कि केवल पुराने घाटे की भरपाई हो रही है।

सरकार ने अक्टूबर 2017 में पेट्रोल-डीजल पर वैट कम किया था, जिससे 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, इसलिए अब कीमत में वृद्धि से इस घाटे की भरपाई हो रही है। वर्ष 2017-18 में जहां सरकार को पेट्रोल और डीजल से मिलने वाले वैट से करीब 8400 करोड़ रुपए मिलना था, जबकि उसे 6500 करोड़ ही मिले यानी 2000 करोड़ कम मिले और प्रति माह 166 करोड़ रुपए कम मिले।

ऐसे समझें गणित

पेट्रोल पर टैक्स - (प्रति लीटर)
> एक प्रतिशत सेस। यह करीब 84 पैसे होता है।
> 28 प्रतिशत वैट। करीब 18.35 रुपए तक।
> चार रुपए अतिरिक्त कर।
> 19.48 रुपए की सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी।

डीजल पर टैक्स- (प्रति लीटर)
> एक प्रतिशत सेस। यह 72 पैसे औसत लगता।
> 22 प्रतिशत वैट। यह 12 से 13 रुपए औसत।
> 75 पैसे अतिरिक्त कर औसतन।
> 13.33 रुपए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगती।

 

Ad Block is Banned