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कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए वार्ड स्तर पर लोकेशन टैग करना शुरू, आस-पास की चार लोकेशन पर एक रेट, वह होंगी मर्ज

- देश की पहली एप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन का काम मैप आईटी के सॉफ्टवेयर पर शुरू, 3 दिसंबर को वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से मुख्यालय के अधिकारियों ने दिए जिलों को निर्देश

- पॉलीगोन ड्रॉ करने में जुटे सब रजिस्ट्रार और मेकर, ये एक तरह का ऐसा घेरा है जिसमें प्लॉट,भूखंड, खेत, सड़क की चारो दिशाएं ड्रॉ की जा रहीं, सैटेलाइट की मदद ले रहे

भोपाल

Published: December 07, 2021 10:10:54 pm

भोपाल. देश की पहली एप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन बनाने का काम शुरू हो चुका है। सब रजिस्ट्रार मैप आइटी के सॉफ्टवेयर पर आइडी पासवर्ड डालकर वार्ड वार लोकेशनों की जियो टैङ्क्षगग कर रहे हैं। तीन दिसंबर को पंजीयन मुख्यालय के अफसरों ने जिले के अफसरों को वीडियो कॉफ्रेंस कर नई हाइटेक गाइडलाइन बनाने के दिशा निर्देश दिए हैं। गाइडलाइन की खासियत ये होगी कि इसमें एप डाउनलोड करने के बाद उस लोकेशन पर खड़े होकर आप खुद गाइडलाइन की दर पता कर सकेंगे। इससे आम आदमी को गाइडलाइन देखने में आसानी रहेगी। पूरी गाइडलाइन डाउनलोड नहीं करनी होगी। जिले में 4113 लोकेशन हैं, नगर निगम सीमा के 85 वार्डों में लोकेशन टैग का काम शुरू हो गया है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र की लोकेशन टैग की जाएंगी। आस-पास की चार लोकेशनों या कॉलोनियों में जमीनों के एक समान रेट हैं और गाइडलाइन में अलग-अलग लोकेशन खुली हैं तो इस बार उनको एक लोकेशन में मर्ज किया जाएगा। जहां रेट बढ़ाना प्रस्तावित करेंगे, उसका आधार भी बताना होगा।

कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए वार्ड स्तर पर लोकेशन टैग करना शुरू, आस-पास की चार लोकेशन पर एक रेट, वह होंगी मर्ज
- देश की पहली एप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन का काम मैप आईटी के सॉफ्टवेयर पर शुरू, 3 दिसंबर को वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से मुख्यालय के अधिकारियों ने दिए जिलों को निर्देश

लोकेशन टैग के साथ वार्ड के प्रोजेक्ट की पड़ताल
सब रजिस्ट्रार वार्ड वार लोकेशन टैग करने के साथ उस क्षेत्र में कितने बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कितने और शुरू होने वाले हैं। उस क्षेत्र में रजिस्ट्री कितनी और किस दर पर हुई हैं, इसको लेकर भी पड़ताल कर रहे हैं। इसकी सूची अलग से तैयार कर आगामी बैठकों में रखी जाएगी। अभी तक 90 के लगभग नए प्रोजेक्ट की जानकारी सब रजिस्ट्रारों की तरफ से जुटाई गई है। इसमें नए प्रोजेक्ट कम हैं, पुराने में ही अच्छी खरीद फरोख्त हुई है।

इन लोकेशनों पर हुए अच्छे सौदे, इन्हीं में पड़ताल शुरू

इस वित्तिय वर्ष में 870 लोकेशनों पर अच्छे सौदे हुए हैं। होशंगाबाद रोड, रातीबड़, नीलबड़, कटारा, कोलार रोड, न्यू मार्केट, कोटरा, मिसरोद, नेहरू नगर, भदभदा, अरेरा कॉलोनी में सबसे अधिक रजिस्ट्री हुईं, अभी भी हो रही हैं। बाकी पुराना शहर, श्यामला हिल्स, नई जेल के पास का कुछ हिस्सा, करोद का कुछ हिस्सा, चौक बाजार, कोहेफिजा, लालघाटी, बैरागढ़, एयरपोर्ट तक प्रॉपर्टी के रेट ज्यादा हैं। इन्हीं में हायर रेट की रजिस्ट्री निकालकर वहां रेट बढ़ाना प्रस्तावित किए जाएंगे।

ऐसे सौदों की हो रही पड़ताल
वार्ड 53 की आकृति प्राइम, में 19200 के आवासीय रेट हैं, इसी वार्ड में अरविंद विहार में 25600 के रेट हैं। जो रजिस्ट्री हुई है वह कलेक्टर गाइडलाइन से डेढ़ गुना ज्यादा पर हुई। अधिकारी यहां तक ही पड़ताल कर लोकेशन छांट रहे हैं। लेकिन ये रजिस्ट्री अधिक लोन के कारण भी हुईं।

दो प्रमुख बिंदुओं पर भी चल रहा काम

- अफसर इस बार बाजारों में आवासीय को कमर्शियल प्रॉपर्टी का ऑप्शन खोले हुए हैं। इस बार की गाइडलाइन में ये प्रस्ताव फिर से लौट सकता है।
- मेट्रो के वर्तमान और भविष्य के रूट, बस स्टैंड, बड़े सरकारी प्रोजेक्ट के लिए जहां जमीनों का अधिग्रहण होना है वहां रेट नहीं बढ़ेंगे

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