किराना सामान की होने लगी छोटी दुकानों पर किल्लत, बढ रही कीमतें

एक ही समय पर खुल रही थोक-फुटकर दुकानें, मांग के अनुसार नहीं हो पा रही आपूर्ति

भोपाल। लॉकडाउन के दौरान लोगों को जरूरत का सामान मिल रहा है लेकिन दुकानों में अब स्टाक भी खत्म होने लगा है। ऐसे में खुदरा व्यापार करने वालों की मुसीबत बढ़ गई है। दुकानों में जरूरत के मुताबिक सप्लाई नहीं हो रही है।

इसका मुख्य कारण है कि शहर में थोक-फुटकर दुकानों के खुलने का समय एक ही है। एक वक्त में ही थोक व फुटकर की दुकानें खुल रही है। इससे दुकानों में भीड़ की स्थिति बन रही है और दुकानदारों की परेशानी है कि थोक दुकानों से सप्लाई नहीं हो रही है। इसके अलावा एक समय होने से वे थोक दुकानों में सामान खरीदने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसलिए अधिकांश सामग्रियों के दाम भी बढ़ रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि सुबह 6 बजे से 11 बजे तक दूर दराज के रिटेल व्यापारियों के लिए सप्लाई मालवाहक गाडियों से कराई जा रही है मगर शहर के व्यापारियों तक सप्लाई नहीं हो रही है। इसकी वजह यह है कि साबुन, तेल व अन्य सामग्रियों के सेल्स मैन रिटेल दुकानों तक पहुंचाते थे लेकिन लाकडाउन के बाद यह काम भी थोक व्यापारियों को करना पड़ रहा है।
इधर..किराने के साथ दवा बजार भी शटडाउन

- कोरोना का असर दवा बाजार में देखने को भी मिल रहा है। दवाईयों के थोक व्यापारी भी अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं। इसके चलते रिटेल दुकानों में सप्लाई नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि एम्स के आसपास आठ दुकानें है लेकिन सिर्फ दो दुकानें ही खुल रही है। सेनेटाइजर की कमी होने के चलते लोग डिटॉल खरीद रहे है। अब दुकानों में डिटॉल तक उपलब्ध नहीं हो रहा है।
व्यापारी बोले- मीटिंग सिर्फ खानापूर्ति

व्यापारियों का कहना है कि कोरोना वायरस के बचाव के लिए लोगों को खरीदी करने के लिए चार घंटे का समय तो दिया गया है लेकिन यह व्यवस्था व्यापारियों के लिए अब परेशानी का सबब बन गई है। उनका कहना है कि दुकानों में डिमांड काफी ज्यादा है लेकिन छोटे दुकानदारों तक थोक व्यापारी माल नहीं भेज पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि थोक व फुटकर की एक साथ दुकानें खोली जा रही है। यह निर्देश प्रशासन का है मगर नियम लागू करने से पहले व्यापारियों के साथ बैठक नहीं की गई है। जिसके चलते यह समस्या खड़ी हो रही है।

मिलों से माल नहीं पहुंच रहा है इसलिए बढ़ रहे दाम

- व्यापारियों ने बताया कि दाल-चावल के रेट 100 से 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं ऐसे में लोगों को अधिक दाम चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अनाज मंडियां बंद हो चुकी है। ऐसे में मिलों के स्टाक से सप्लाई हो रही थी। ट्रांसपोर्ट बंद होने अब और ज्यादा परेशानी हो रही है। जिन व्यापारियों का स्टाक खत्म हो चुका है। उन्होंने अपनी दुकानों को बंद कर दिया है। यह स्थिति सबसे ज्यादा खराब हनुमानगंज और जुमेराती में बन रही है।
वर्जन

- 23 मार्च को कलेक्टर ने मीटिंग बुलाई थी। थोक के लिए सुबह पांच बजे से 11 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया था। व्यवस्था सही नहीं करने से रिटेल की दुकानों तक सामान नहीं पहुंच रहा है। इससे शहर के कई इलाकों में किराना सामग्री की सप्लाई नहीं हो रही है।
- ईश्वर दास संगतानी, पूर्व अध्यक्ष, किराना व्यापारी महासंघ

- शासन के निर्देशों के तहत व्यवस्था बनाई गई है। लाकडाउन के दौरान लोगों को जरूरत की सामग्री मिल रही है। अगर कोई समस्या बनेगी तो पुन: विचार किया जाएगा।

- सतीश एस कुमार, एडीएम

सुनील मिश्रा
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