लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, आयकर विभाग खुद कर सकेंगे रजिस्ट्री की पड़ताल

- पंजीयन विभाग के सम्पदा टू में जांच एजेंसियों को दी जाएगी एक लिंक, आधार नंबर से आसानी से सर्च होगी रजिस्ट्री

प्रवेंद्र तोमर. भ्रष्टाचार में लिप्त अफसर, सरकार के करोड़ों रुपए का गबन कर अपनी प्रॉपर्टी खड़ी करने वाले अफसर , नेताओं के लिए अब प्रॉपर्टी की जानकारी छिपाना आसान नहीं होगा। पंजीयन विभाग के सम्पदा टू सॉफ्टवेयर में जांच एजेंसी लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू्र, आयकर विभाग को एक लिंक विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी। जिस पर लॉगइन कर यूजर, पासवर्ड की मदद से सम्पदा के रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर तक पहुंच हो जाएगी। इसमें 50 लाख से ऊपर की रजिस्ट्री या ऐसे अधिकारियों या पुलिस विवेचना में आईं अपराधियों की सम्पत्ति की रजिस्ट्री भी जांची जा सकती है, जो किसी केस या अधिकारी पर लगे आरोप से संबंध रखती हैं। पंजीयन विभाग के अफसरों ने बताया कि वर्तमान में एक लिंक आयकर विभाग के अफसरों के पास उपलब्ध है। वे इसे किसी से साझा नहीं करते। सम्पदा टू में दो और जांच एजेंसियों को ये लिंक दी जाएगी। भोपाल में भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत के बाद एजेंसियां अभी पत्र लिखकर उनकी सम्पत्ति की जानकारी मांगती हैं।

दरअसल लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के पास पहुंच रही शिकायतों के बाद संबंधित अधिकारी या भ्रष्टाचार के आरोपो में लिप्त की सम्पत्ति का पता लगाने के लिए पंजीयन विभाग को पत्र लिखना पड़ता है। उसके बाद मांगी गई जानकारी उपलब्ध हो पाती है। इसमें कभी-कभी समय भी लग जाता है। लिंक के माध्यम से ये काम और आसान हो जाएगा। अपको बतादें कि मप्र में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार रजिस्ट्री रोजाना होती हैं।
प्लॉट की वैल्यू भी खुद पता कर सकेंगे

सम्पदा टू में गूगल मैप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जिसमें रेट देखने में आसानी के साथ कॉर्नर, रोड साइड, कौन सा मुखी प्लॉट है सब नक्शे पर दिखेगा। सैटेलाइट इमेज लगाकर उसके ई स्टाम्प की गणना भी खुद की जा सकेगी। अफसरों की मानें तो सम्पदा टू में सब कुछ इतना सरल किया जा रहा है कि वक्ति आसानी से स्लॉट बुक कर ई स्टाम्प की गणना कर खुद रजिस्ट्री करा सकता है।

ये भी जोड़ा जा रहा सम्पदा टू में
- रजिस्ट्री को आधार से लिंक किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ब्लैक मनी से प्रॉपर्टी खरीद फरोख्त कम होगी। लोन, सब्सिडी और प्रॉपर्टी डिटेल पता करना और आसान होगा।

- भू अभिलेख और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का रिकॉर्ड भी जुड़ेगा। एक ही विंडो में पूरी सम्पत्ति की जानकारी मिलेगी।

क्या है सम्पदा टू
मप्र में मेप आईटी की तरफ से तैयार किए गए सम्पदा सॉफ्टवेयर पर ई रजिस्ट्री होती है। 1 जुलाई 2021 को इसे 6 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान रियल एस्टेट करोबार भी काफी बढ़ा, तमाम रजिस्ट्री, रेरा, टीएंडसीपी, गाइडलाइन, खसरे, नामांतरण, दस्तावेज खोजने के विकल्पों से ये सॉफ्टवेयर ओवरलोड हो गया है। सम्पद टू इसका अपडेट वर्शन है। जो आगामी दस से पंद्रह साल के लिए तैयार किया जा रहा है

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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