जहरीले धुएं के गुबार में तरुणाई

जहरीले धुएं के गुबार में तरुणाई

Dinesh Bhadauria | Publish: Sep, 03 2018 05:22:49 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

स्कूली बच्चों को धड़ल्ले से पिलाया जा रहा हुक्का, बेखौफ

भोपाल. राजधानी में हुक्का लाउंज संचालकों के हौसले बुलंद हैं। नियमों को ताक पर रखकर हुक्का पिलाया जा रहा है। हुक्का के साथ शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी कराया जा रहा है। प्रतिबंधित होने के बावजूद हुक्के के साथ खाने-पीने की चीजें दी जा रही हैं। हुक्का लाउंज बच्चों और युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं।

सुबह के समय पत्रिका टीम ने हबीबगंज स्टेशन के सामने करतार टॉवर स्थित जैकपॉट हुक्का लाउंज में पड़ताल की तो पाया कि कई किशोरवय अलग-अलग गु्रप में हुक्का पार्टी कर रहे हैं। स्कूली छात्र शर्ट बदलकर तो छात्राएं दुपट्टे से मुंह ढककर यहां आ जा रहे हैं। हुक्का के साथ खाने-पीने की चीजों के ऑफर भी प्रदर्शित हैं। न कोई आईडी देखी जा रही है और न कोई रोक-टोक।

रात के समय नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पास बड़े कैम्पस में बना एल्ड्रिच ब्ल्यूज हुक्का लाउंज में पत्रिका टीम पहुंची तो माहौल शबाब पर था। अलग-अलग टेबल पर यहां भी युवक हुक्के के साथ खाने-पीने का लुत्फ ले रहे थे। हॉल में एक टेबल पर यंग वर्किंग वूमन भी थीं, जो कुछ देर बाद वहां से खिसक गईं। यहां शराब के खुले सेवन से परहेज कराया जाता है। पीनी है तो वहां का स्टाफ आपको अलग सुरक्षित जगह उपलब्ध कराता है, जहां आप बैठकर आप हर नशे और खान-पान का लुत्फ ले सकते हैं। यह इलाका ईको सेंसिटिव जोन में आता है।

नियमों की अनदेखी
एक जानकार अधिकारी का कहना है कि हुक्का के साथ खाने-पीने की चीजें सर्व नहीं कर सकते। दारू पिलाने के लिए लाइसेंस होना चाहिए। हुक्का लाउंज संचालित करने के लिए ३० कमरे और एक हॉल होना चाहिए। हॉल को चारों तरफ से बंद कर, वेंटिलेशन एग्जास्ट लगाकर स्मोकिंग जोन बनाना चाहिए। हुक्का निकोटिन व तंबाकूमुक्त होना चाहिए। शहर में संचालित हुक्का लाउंज इन नियमों-प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।

गंभीर बीमारियों का खतरा
वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की स्टडी के अनुसार हुक्के में सौ सिगरेट के बराबर धुआं फेफड़ों में जाता है। हुक्का का एक सेशन सिगरेट से बीस गुना तार पैदा करता है। चिकित्सकों की मानें तो हुक्का स्मोकिंग से फेफड़ों, मुख, भोजन नली, पेट का कैंसर, हृदय रोग, बांझपन, कम वजन के बच्चे, हेपाटिटिस व हरपीज की आशंका रहती है।

हर तरह से खतरनाक
कोर्ट ने हर्बल हुक्के को मंजूरी दी है, जबकि फ्लेवर्ड हुक्का के नाम पर तंबाकू हुक्का भी परोसा जा रहा है। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक हर्बल और फ्लेवर्ड हुक्का दोनों की तंबाकू हुक्का की तरह बराबर नुकसानदेह हैं। फ्रूट या हर्बल हुक्का का मतलब यह नहीं कि प्रोडक्ट हेल्दी है। यदि तंबाकू फ्री शीशा यूज किया जाता है तो भी कोयला या चारकोल के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड व टॉक्सिंस का खतरा बरकरार रहता है।

बहुत नुकसानदेह
सिगरेट पांच मिनट में और हुक्के का एक सेशन तीस मिनट में खत्म होता है। हुक्का सिगरेट से ३६ गुना तार बनाता है। इससे सिगरेट से १.७ गुना निकोटिन ज्यादा, ८.३ गुना कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जित होता है। हुक्के का एक घंटे का सेशन ५० लीटर स्मोक पैदा करता है, जबकि एक सिगरेट ०.५ लीटर धुआं छोड़ती है।
राजधानी में १०० हुक्का लाउंज हैं और एक हुक्का लाउंज में कम से कम १५ हुक्का सुलगाए जाते हैं। हर लाउंज औसतन १२ घंटे चलता है। इस तरह १५०० हुक्के भारी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड राजधानी के वातावरण में छोड़ रहे हैं।

बच्चों को लाउंज में हुक्का आदि परोसने की बात अभी सामने आई है, इसे दिखवाया जाएगा। पुलिस ने कई हुक्का लाउंज पर कार्रवाई भी की है।
राहुल कुमार लोढा, एसपी-साउथ

विभाग की टीम हुक्का संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। कुछ दिन पूर्व ही नियमों उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जहां बच्चों को हुक्का परोसने की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजेश सक्सेना, ज्वाइंट कंट्रोलर, एफडीए

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