बड़ी खबर : मोदी सरकार जल्द ही आपकी रसोई से गायब कर देगी LPG, इस खबर को पढ़कर भौंचक्के रह जाएंगे आप

एलपीजी गैस की कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह स्पेशल टास्क दिया है।

By: rishi upadhyay

Published: 10 Feb 2018, 12:44 PM IST

जितेंद्र चौरसिया@भोपाल। देश में खाना पकाने के लिए एलपीजी के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल का एक्शन प्लान मध्यप्रदेश तैयार करेगा। महत्वकांक्षी उज्ज्वला योजना के लक्ष्य में एलपीजी गैस की कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह स्पेशल टास्क दिया है। प्रदेश सरकार ने एक हाईपावर कमेटी भी बना दी है। इसमें दिल्ली और मुंबई आईआईटी के विशेषज्ञ प्रोफेसर्स के साथ मध्यप्रदेश के अफसर और एक्सपर्ट शामिल हैं। कमेटी संयोजक नवकरणीय ऊर्जा के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव हैं। चार माह में कमेटी की रिपोर्ट के बाद मध्यप्रदेश में इसका पायलट प्रोजेक्ट लांच होगा।

 

भारत के हिसाब से टेक्नोलॉजी चयन
अभी दुनिया में सौर ऊर्जा से खाना बनाने के तीन तरीकों वाली टेक्नोलॉजी है। हाईपावर कमेटी भारत के हिसाब से तीनों तरीकों का अध्ययन करके टेक्नोलॉजी का चयन व मॉडिफिकेशन करेगी। प्रदेश सरकार इस टेक्नोलॉजी के इंस्टालेशन व मॉडिफिकेशन में पैसा भी लगाएगी।

 

इसलिए है जरूरत -
भारत में एलपीजी की बहुत ज्यादा खपत है। एलपीजी प्रोपेन व ब्यूटेन का मिश्रण है, जिसे बेहद कीमती ईंधन माना जाता है। ग्लोबल स्तर पर प्रोपेन-ब्यूटेन को बचाना तय हुआ है। इसलिए भारत की करीब सवा अरब की आबादी को एलपीजी देने और तेजी से बढ़ती खपत ने चिंता बढ़ा दी है। अभी ज्यादातर देशों में सौर ऊर्जा से बनी बिजली या ताप-पन बिजली के जरिए इंडेक्शन चूल्हे से खाना बनता है। इसलिए अब भारत भी इस दिशा में कदम उठा रहा है।

 

उज्ज्वला योजना को सीमित करेंगे
नया प्रोजेक्ट आने पर उज्ज्वला योजना को सीमित किया जाएगा। वहीं दिल्ली, मुंबई और गुजरात के कुछ शहरों में मीथेन गैस पाइपलाइन से सप्लाई होती है। मध्यप्रदेश में भी प्रयोग के तौर पर कुछ जगह सप्लाई की गई है। इस पर भी असर पड़ेगा।

 

इन 3 तरीकों में होगा चयन

- सोलर पैनल एनर्जी सौर ऊर्जा से बिजली बना खाना बनाते हैं। सोलर कुकर जैसा, जिसे मॉडिफाई करेंगे।
- वॉटर स्टीम रिएक्टर सौर ऊर्जा से पानी गर्म करते हैं। भाप स्टोर कर खाना बनाते हैं। पानी का खर्च ज्यादा।
- सोलर सैंड मॉडल सौर ऊर्जा से रेत को उच्च स्तर तक गर्म करते हैं। उसकी हीट से खाना बनाते हैं।

 

वर्तमान में नए ऑनलाइन कनेक्शन के लिए ये हैं नियम

नए कनेक्शन के लिए आपको गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। बल्कि घर बैठे ही आप गैस का नया कनेक्शन ले सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आईओसी यानि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने एलपीजी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के इस्तेमाल से उपभोक्ता बार बार गैस एजेंसी के चक्कर काटने से बच सकते हैं। नए कनेक्शन के लिए जरूरी कागजातों को जमा कराने के लिए सिर्फ एक बार ही गैस एजेंसी जाना होगा।

गैस कनेक्शन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करते समय आपको जरूरी जानकारियां दिए हुए फॉर्मेट में भरनी होंगी, जिसके बाद उनके सत्यापन के लिए दस्तावेजों की फोटोकॉपी आपको एजेंसी में जमा करानी होगी।


गैस एजेंसी में जमा करने होंगे ये कागज
- स्कैन किया हुआ फोटो
- राशन कार्ड
- रेजिंडेस प्रूफ
- आधार कार्ड

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