scriptlung infection up to 40 percent | तीसरी लहर का सबसे डरावना ट्रेंड, बर्बाद कर रही फेफड़े, 40 फीसदी तक संक्रमण | Patrika News

तीसरी लहर का सबसे डरावना ट्रेंड, बर्बाद कर रही फेफड़े, 40 फीसदी तक संक्रमण

मरीजों के फेफड़े बुरी तरह प्रभावित

भोपाल

Published: January 24, 2022 03:14:08 pm

भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना लगातार खतरनाक होता जा रहा है. रोज मिलनेवाले मरीजों की संख्या लगातार कई दिनों से 11 हजार से ज्यादा बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में आधा दर्जन मरीजों की मौत हो गई है. सबसे बुरी बात ये सामने आई है कि अब मरीजों के फेफड़े बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
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प्रदेश राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमितों के 2128 नए केस मिले हैं और यहां एक संक्रमित की मौत भी हुई है. इसी तरह प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में भी सबसे ज्यादा 2665 केस मिले हैं. यहां 1 दिन में 4 मौतें रिपोर्ट हुई हैं. इंदौर में तो ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BA.2 की एंट्री भी हो चुकी है. इंदौर में मिले इसके 12 संक्रमितों में 4 बच्चे भी शामिल हैं.
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तीसरी लहर में अब तक सबसे डरावना ट्रेंड भी सामने आया है. कोरोना की तीसरी लहर में अब तक फेफड़ों पर संक्रमण का असर नहीं दिखाई दे रहा था लेकिन अब ये भी होने लगा है. मरीजों के फेफड़े अब 40% तक इन्फेक्टेड हो रहे हैं. इंदौर के एक हॉस्पिटल में भर्ती एक युवा संक्रमित के लंग्स 40% तक इन्फेक्टेड हैं. इसके अलावा दो अन्य पेशेंट में भी ये लक्षण देखे गए हैं.
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omicron2.pngडॉक्टर्स के मुताबिक अब ऐसे कई पेशेंट आ चुके हैं, जिनमें 40% तक लंग्स इन्वॉल्वमेंट मिला है. फेफड़ों में इन्फेक्शन होना चिंता की बात है और इसी वजह से खुद डॉक्टर्स भी चिंता जताने लगे हैं. हाल बहुत खराब होते जा रहे हैं. डॉक्टर्स के अनुसार अब ऑक्सीजन लगाने के साथ मरीजों को एडमिट करना पड़ रहा है.
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ओमिक्रॉन के BA.2 सब-वैरिएंट का पता चलने के बाद चिंता और ज्यादा हो गई है क्योंकि इसका सिर्फ जीनोम सिक्वेंसिंग से ही पता लगाया जा सकता है. इस लहर में अब डाक्टर्स भी ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं. इससे इलाज में हालात को काबू में करना कठिन होता जाता है.
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ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय में तो 220 में से 112 जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. इस अन्य जूनियर डॉक्टरों पर वर्कलोड और बढ़ गया है. जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने अस्पताल में आने वाले मरीजों को रेपिड एंटीजन टेस्ट के बाद ही भर्ती करने की मांग की है.

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