बजट सत्र 5वां दिनः बिजली बिल पर विपक्ष का हंगामा, विधानसभा अध्यक्ष ने भी बताई समस्या

विधानसभा का पांचवा दिन हंगामे में बीता, बिजली बिल के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में तकरार...।

By: Manish Gite

Updated: 26 Feb 2021, 01:23 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शुक्रवार को 5वां दिन था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना उद्बोधन दिया। इस दौरान विपक्ष के नेता कमलनाथ भी सदन में मौजूद हैं। इससे पहले, प्रदेश में बिजली बिल को लेकर विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

मैं नहीं चाहता था सीएम बनूं

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष बार-बार कह रहा है कि 2018 में कचरा साफ हो गया, लेकिन मैं बता दूं, मेरे मन में एक बार भी यह नहीं आया कि मुझे मुख्यमंत्री बनना है। जब कमलनाथ सरकार बनी तब मैंने सोच लिया था कि मुझे सीएम हाउस खाली करना है। हम चाहते तो उस समय भी जोड़-तोड़ कर सकते थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वक्तव्य दिया। चौहान ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र क्यों है। उन्होंने कहा कि पीए मोदी ने देश का गौरव बढ़ाया है। कोरोना काल में मोदी ने संजीवनी बूटी दी।

बिजली बिल पर घमासान, जांच के आदेश

इससे पहले सदन में बिजली बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। किसानों को मिल रहे बिजली बिल पर भी बात हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा कि मेरे क्षेत्र में भी अधिक बिल आ रहे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने जांच करने की बात कही। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने भी कहा कि मेरे क्षेत्र के किसान भी बिजली बिलों से परेशान हैं। आसंदी से अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर को पूरे मामले की जांच करवाने को कहा। किसानों को अधिकृत कंपनियों के कृषि पंप दिए जाने के निर्देश दिए गए। भाजपा विधायक विजयपाल सिंह ने यह मामला उठाया था। इस दौरान हंगामा होने लगा। इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।

ग्वालियर में चल रहा अवैध खनन

इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर क्षेत्र में भी अवैध खदान का मामला कांग्रेस के विधायक लाखन सिंह यादव ने सदन में उठाया। यादव का आरोप था कि यह खदान स्वीकृत नहीं हैं, इसके बावजूद भी माफिया यहां से रेत निकालकर ले जा रहे हैं। इसकी सूचना 15 बार कलेक्टर को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। लाखन सिंह यादव के प्रश्न के जवाब में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो कार्रवाई की गई है उसमें 8 प्रकरण दर्ज बनाए गए हैं और 4 पोकलेन मशीनें जब्त हुई हैं। यादव ने कहा कि वसई में स्वीकृत रेत खदान में रेत नहीं है, इसकी आड़ लेकर आसपास के गांव से रेत ले जा रहे हैं। इस प्रश्न का मंत्री ने जवाब नहीं दिया। कांग्रेस विधायक विजय लक्ष्मी साधो ने भी कहा कि मध्यप्रदेश में अवैध टोकन देकर हो रहा है अवैध खनन और परिवहन। हंगामे के कारण सदन तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

 

नीमच-मंदसौर में हेराफेरी का मामला उठा

अवैध उत्खनन के साथ ही नीमच और मंदसौर में ट्रांसपोर्टरों की ओर से खाद को सोसायटी तक पहुंचाने में हो रही हेराफेरी का मुद्दा उठाया गया। इस मुद्दा को उठाते हुए भाजपा के विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है, उसी ने यह हेराफेरी की है। इसके जवाब में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संल्पित्तता भी सामने आ गई है। ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर चार करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। भदौरिया ने कहा कि आरोपियों से वसूली की भी कार्रवाई भी की जा रही है। उनकी संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी की जाएगी। शासन स्तर पर जांच दल का भी गठन किया जा रहा है। इसमें सोसायटी के महाप्रबंधक शामिल पाए जाते हैं तो उनको भी हटाकर तीन माह में जांच पूरी की जाएगी।

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