दोस्त संजय गांधी को सीएम कमलनाथ ने यूं किया याद, देहरादून में हुई थी दोनों की दोस्ती

दोस्त संजय गांधी को सीएम कमलनाथ ने यूं किया याद, देहरादून में हुई थी दोनों की दोस्ती

Muneshwar Kumar | Updated: 23 Jun 2019, 06:54:24 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने अपने दोस्त संजय गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें यूं याद किया। शेयर की संजय गांधी के साथ पुरानी तस्वीर

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ( Madhya Pradesh CM ) कमलनाथ ( Kamal Nath ) और इंदिरा गांधी ( Indira Gandhi ) के बेटे संजय गांधी ( Sanjay Gandhi ) की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। रविवार को संजय गांधी की पुण्यतिथि ( death anniversary ) पर सीएम कमलनाथ ने उन्हें कुछ यूं याद किया। अस्पताल से छुट्टी के बाद सीएम कमलनाथ ने ट्विटर पर एक पुरानी तस्वीर शेयर कर संजय गांधी को याद किया।

 

कहा जाता है कि संजय गांधी और कमलनाथ के बीच घनिष्ठता कुद इस कदर थी कि इंदिरा गांधी इन्हें अपना तीसरा बेटा मानती थीं। संजय गांधी से दोस्ती की वजह से कमलनाथ के गांधी परिवार से पारिवारिक रिश्ते भी थे। दोनों परिवार के लोग एक-दूसरे के घर भी आते जाते थे।

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कानपुर में जन्म
मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। कलनाथ की शुरुआती पढ़ाई लिखाई उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून स्कूल ( doon school dehradun ) से हुई। इसी स्कूल में इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी भी पढ़ते थे। यहीं पर कमलनाथ की मुलाकात संजय गांधी से हुई थी।

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देहरादून में ही परवान चढ़ी दोस्ती
कमलनाथ और संजय गांधी की दोस्ती कोई राजनैतिक दोस्ती नहीं थी। दोनों के बीच दून स्कूल में पढ़ाई के वक्त से ही घनिष्ठता बढ़ने लगी थी। दून स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद कमलनाथ बीकॉम करने के लिए कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज चले गए। लेकिन कमलनाथ और संजय गांधी की दोस्ती कभी कम नहीं हुई। शहर बदलने के बाद भी दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहें।


हर वक्त संजय के साथ खड़े रहते थे कमलनाथ
उस दौर में कमलनाथ की गिनती संजय गांधी के सबसे करीबी लोगों में होती थी। बताया जाता है कि इंदिरा गांधी के बड़े बेटे राजीव गांधी की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी। ऐसे में इंदिरा चाहती थीं कि संजय के साथ कोई ऐसा शख्स रहे जो हर वक्त उसके साथ खड़ा रहे। कमलनाथ ऐसे ही दोस्त बनकर संजय के सामने आए।

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छिंदवाड़ा से टिकट
इमरजेंसी के बाद से ही कांग्रेस मुश्किल दौर से गुजर रही थी। 23 जून 1980 को संजय गांधी की विमान हादसे में मौत हो गई। इसके बाद कांग्रेस लगातार कमजोर हो रही थी। तब तक कमलनाथ गांधी परिवार के करीब आ चुके थे। साथ ही मुसीबत के दौर में भी वो पार्टी के साथ खड़े थे। इसका नतीजा यह हुआ कि इंदिरा गांधी ने उन्हें मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा सीट से टिकट दे दिया। इसके बाद से ही कमलनाथ राजनीति में सक्रिय हुए और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच अपनी जगह बनाई।

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