खुलासा : दलित बच्चियों से रेप के मामले में नंबर-1 है ये राज्य, छेड़छाड़ में भी अव्वल

NCRB रिपोर्ट में खुलासा : दलित बच्चियों से रेप और छेड़छाड़ में भी अव्वल है मध्य प्रदेश।

By: Faiz

Published: 06 Oct 2020, 12:38 PM IST

भोपाल/ एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुई घटना ने देशभर की आत्मा को एक बार फिर से झकझोर कर रख दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश भी दलित और बच्चियों से रेप के मामले में देशभर में सबसे अव्वल है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ये शर्मिंदा कर देने वाला खुलासा हुआ है नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश दलित बच्चियों से रेप और छेड़छाड़ के मामले में अव्वल है। खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा 2019 में जारी आंकड़ों से हुआ है। बता दें कि, रिकॉर्ड के मुताबिक, मध्य प्रदेश में साल 2019 में दलित बच्चियों के साथ रेप के 214 मामले सामने आए। हालांकि, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे पर हरियाणा का नाम सामने आया है।

 

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छेड़छाड़ में भी एमपी अव्वल

मध्य प्रदेश के अलावा, महाराष्ट्र में दलित नाबालिगों के रेप की 181 घटनाएं सामने आईं, जबकि हरियाणा में 101 मामले दर्ज हुए। वहीं, देशभर में दलित नाबालिगों के साथ रेप के कुल 1116 मामले सामने आए। दलित बच्चियों से छेड़छाड़ के मामले में भी देशभर में एमपी अव्वल है। इसके अलावा प्रदेश में दलित बच्चियों के साथ 114 छेड़छाड़ के मामले भी सामने आए। इसके बाद दूसरे नंबर पर यूपी में 98 नाम सामने आए, तीसरे पर महाराष्ट्र में 81 घटनाएं सामने आईं। देशभर में दलित बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की 437 घटनाएं सामने आईं।

 

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आंकड़ों पर हो रही राजनीति

एनसीआरबी द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा ने पूर्व की कमलनाथ सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी प्रवक्ता राकेश शर्मा ने दलित बच्चियों से रेप और छेड़छाड़ के मामलों में कमलनाथ सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि, जारी रिपोर्ट कमलनाथ सरकार के कार्यकाल की है। सरकार ने दलितों-आदिवासियों और किसान के लिए कुछ नहीं किया। शर्मा ने ये भी कहा कि, इन आंकड़ों की जिम्मेदार कमलनाथ सरकार है। उन्होंने कहा कि, कमलनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सिर्फ जनता को लूटने का ही काम किया था, जबकि भाजपा सरकार द्वारा ऐसी घटनाओं पर तत्काल एक्शन लेते हुए कार्रवाई की जाती है।

 

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कांग्रेस का दावा

वहीं, एनसीआरबी द्वारा जारी आकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि, कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में रेप की घटनाओं में 54 फीसदी की कमी आई थी। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि, एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में रेप की घटना 5433 थी, जबकि 2019 में 2490 घटनाएं हुईं। बीजेपी सरकार में महिलाओं पर ज्यादा अत्याचार होते थे, हमारी सरकार ने 15 महीने में इसमें कमी आई थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, बीजेपी नेता पूरी रिपोर्ट का एनलिसिस नहीं करते, बल्कि रिपोर्ट के सिर्फ एक-दो पन्ने पड़कर ही उन्हें हाथ में लेकर घूमते हुए राजनीति शुरु कर देते हैं।

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