ये दोनों के लिए बने चुनौती, 6 विधानसभा क्षेत्र में 7 बागियों ने भी भरा है नामांकन!

ये दोनों के लिए बने चुनौती, 6 विधानसभा क्षेत्र में 7 बागियों ने भी भरा है नामांकन!

Amit Mishra | Publish: Nov, 11 2018 09:08:18 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

इन लोगों ने किया निर्दलीय नामांकन.....

भोपाल। विधानसभा चुनाव में बगावत करने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं होने से कांग्रेस और भाजपा की मुसीबत कम नहीं हो रही है। जिस कारण दोनोें पार्टी के लिए निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव का समीकरण बिगाड सकते है।

जितेंद्र डागा....
हुजूर से भाजपा प्रत्याशी के रूप में रामेश्वर शर्मा का नाम घोषित होने के बाद पार्टी में ही बगावत के सुर बुलंद होने लगे थे। पूर्व विधायक जितेंद्र डागा इस सीट से दावेदार थे। टिकट नहीं मिलने से नाराज डागा ने निर्दलीय नामांकन फॉर्म जमा किया है। डागा का कहना है कि उन्हें जनता का समर्थन हासिल है।

टिकट वितरण की जद्दोजहद के बीच डागा के निवास पर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में डागा की पहुंच है। डागा के निर्दलीय मैदान में जमे रहने से रामेश्वर शर्मा के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। वहीं कोलार क्षेत्र के पूर्व भाजपा नेता श्यामसिंह मीना रामेश्वर शर्मा के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

ब्रह्मानंद रत्नाकर...
बैरसिया से भाजपा प्रत्याशी विष्णु खत्री के खिलाफ पूर्व विधायक ब्रह्मानंद रत्नाकर ने बगावत का झंडा उठा रखा है। उन्होंने इस सीट से निर्दलीय नामांकन फॉर्म जमा किया है। रत्नाकर इस सीट से वर्ष 2008 में विधायक चुने गए थे। रत्नाकर की इस विधानसभा क्षेत्र की सभी 227 बूथों तक पहुंच है, जो खत्री के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

इसके अलावा रत्नाकर को स्थानीय संगठनों का भी साथ मिला है। इनके चुनाव मैदान में बने रहने से खत्री को नुकसान होने को अंदेशा बना हुआ है। इसे देखते हुए खत्री उनके निवास पर मुलाकात करने पहुंचे थे, पर वे घर पर नहीं थे। सूत्रों की मानें तो संगठन की ओर से रत्नाकर को मनाने की कोशिश की जा रही हैं।

 

विपिन भार्गव........
भोजपुर से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पटवा के खिलाफ मंडीदीप नपा के पूर्व अध्यक्ष विपिन भार्गव ने एक फॉर्म निर्दलीय और दूसरा भाजपा प्रत्याशी के रूप में भरा है। क्षेत्र में तीन दशक से राजनीति में सक्रिय भार्गव को स्थानीय प्रत्याशी होने से फायदा मिलने का भरोसा है।

पार्टी की उपेक्षा से नाराज होकर भार्गव ने बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन जमा किया है। भार्गव की उम्मीदवारी से पार्टी में चल रही गुटबाजी को हवा मिली है। मंडीदीप समेत आसपास के क्षेत्रों में संपर्क का लाभ भार्गव को मिल सकता है। स्थानीय संगठनों का समर्थन भी हासिल हुआ है। भार्गव के मुताबिक क्षेत्र से स्थानीय प्रत्याशी की मांग लंबे समय से की जा रही है, पर पार्टी ने उपेक्षा की है।

रामबाबू शर्मा ...........
गोविंदपुरा में कांग्रेस से दावेदारी कर रहे रामबाबू शर्मा ने बागी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। यहां कई गुटों में बंटी कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश शर्मा के लिए सभी को साधना बड़ी चुनौती होगी। रामबाबू शर्मा की पत्नी पार्षद हैं और वे खुद के लिए इस सीट से टिकट की मांग कर रहे थे।

शर्मा की क्षेत्र के ब्राह्मण मतदाताओं के बीच पैठ है। टैंट कारोबारी होने से उनकी क्षेत्र में पकड़ भी है। खास बात है कि इस सीट से पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को रेकार्ड मतों से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी के सामने दोहरी परेशानी है। बहरहाल रामबाबू शर्मा कांग्रेस प्रत्याशी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

रविंद्र अवस्थी...........
उत्तर में भाजपा द्वारा पूर्व विधायक रसूल अहमद सिद्दिकी की बेटी फातिमा सिद्दिकी को मौका दिए जाने से स्थानीय भाजपा में विरोध हो रहा है। पूर्व पार्षद रहे अवस्थी की क्षेत्र में पकड़ है। पुराने भाजपा नेता होने से कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्यता भी है। हालांकि इनकी गिनती महापौर शर्मा के विरोधियों के रूप में की जाती है।

अवस्थी ने उत्तर विधानसभा से टिकट की दावेदारी की थी। उत्तर विधानसभा से ही पार्षद चुने जाने के कारण उनका कई वार्डों में संपर्क है। क्षेत्र के कई संगठन भी इनके पक्ष में आ गए हैं। अवस्थी भाजपा के परंपरागत वोटों में सेंध लगा सकते हैं।अवस्थी पार्टी के पुराने चेहरे को दरकिनार किए जाने से नाराज हैं।

साजिद अली, नासिर इस्लाम
मध्य, से कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ मसूद का टिकट फाइनल होने के बाद से विरोध के स्वर गूंजने लगे थे। टिकट के दावेदार नेताओं के समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय में जमकर हंगामा किया था। टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में कांग्रेस नेता साजिद अली ने निर्दलीय नामांकन फॉर्म जमा किया है।

इनकी अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं में पैठ है। इसी तरह 2008 चुनाव में कांग्रेस से प्रत्याशी रहे नासिर इस्लाम ने भी निर्दलीय नामांकन जमा किया है। इन्होंने पिछले चुनाव में भी इस सीट से दावेदारी की थी, पर टिकट आरिफ मसूद को मिला था। इन दोनों के बगावती सुर अख्तियार करने से इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की मुश्किलों में इजाफा हुआ है।
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