अलग-अलग एजेंसियों से टुकड़ों में पूरी कराएंगे मास्टर प्लान की सडक़ें, छह लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत

-शासन के निर्देश पर टीएंडसीपी ने निर्माण एजेंसियों से मांगे प्रस्ताव
-नगर निगम, बीडीए, सीपीए और पीडब्ल्यूडी गैर विवादित हिस्सों में करेंगी सडक़ निर्माण

भोपाल. राजधानी में मास्टर प्लान की सडक़ों को अब टुकड़ों में बनाया जाएगा। इन सडक़ों के विवादित हिस्सों को छोडकऱ जो बची है, उनके निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि शहर की 2 सडक़ें विवादों से घिरी हैं, जिसके कारण ये पूरी नहीं हो सकीं। अब यदि इन सडक़ों के गैर विवादित हिस्सों का काम पूरा कर लिया जाता है तो छह लाख से अधिक आबादी को राहत मिल सकेगी। दरअसल, शासन के माध्यम से टीएंडसीपी ने सभी निर्माण एजेंसियों को मास्टर प्लान की सडक़ों से जुड़े प्रस्ताव देने को कहा है। बीडीए, नगर निगम, सीपीए और पीडब्ल्यूडी प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 15 दिन में तय हो जाएगा कि कौन सी एजेंसी मास्टर प्लान रोड के किस हिस्से का काम पूरा करेगी। सीपीए के अधीक्षण यंत्री जवाहर सिंह का कहना है कि मास्टर प्लान सडक़ के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही बताएंगे कि कौन सी रोड सीपीए बनाएगा। इधर, नगर निगम के सिटी इंजीनियर (सिविल) पीके जैन का कहना है कि शहर की अंदरूनी क्षेत्रों को जोडऩे वाली सडक़ों का प्रस्ताव बनवाया जा रहा है।

कहीं बाउंड्रीवॉल तो कहीं कब्जे बने रोड़ा
मास्टर प्लान की सडक़ों पर विवादों की बात करें तो कटारा हिल्स क्षेत्र में एक कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल के कारण काम अटका हुआ है। इसे हटाने के लिए टीएंडसीपी ने नगर निगम को पत्र लिखा है। वर्ष 2013 के सर्वे में मास्टर प्लान की 23 सडक़ों पर अतिक्रमण मिला था। चिह्नित किए गए अतिक्रमण अभी तक नहीं हटाए गए हैं और न ही इसको लेकर कोई रिपोर्ट बनाई गई। इधर, बीडीए मास्टर प्लान की 11 सडक़ों की सूची बनाकर बैठा है, जिन्हें लोगों की सुविधा के लिए जल्द बनाना जरूरी है। मौजूदा स्थिति ये है कि मास्टर प्लान की रोड पर कहीं श्मशान बन गए हैं तो कहीं प्लॉट काटकर कॉलोनियां विकसित कर ली गई हैं।

मास्टर प्लान की सडक़ों की स्थिति

-4.47 किमी लंबी व 45 मीटर चौड़ी सिंगारचोली रेलवे क्रॉसिंग से बैरसिया रोड को जोडऩे वाली सडक़ पर अवैध कॉलोनियां बस गई हैं।

-5.27 किमी लंबी व 60 मीटर चौड़ी हबीबगंज अंडरब्रिज-मिसरोद रोड पर झुग्गियां व श्मशान हैं।
-1.56 किमी लंबी और 24 मीटर चौड़ी ओरा मॉल-शाहुपरा सी सेक्टर रोड पर प्लॉट कट गए हैं।

-4.35 किमी लंबी व 24 मीटर चौड़ी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म एक से भानपुर तक की सडक़ पर कोच फैक्ट्री का पेच है।

(इनके अलावा राजधानी की अन्य मास्टर प्लान की सडक़ों पर इसी तरह के विवाद हैं।)

राजधानी में मास्टर प्लान की 32 सडक़ें

शहर में मास्टर प्लान के तहत 32 प्रमुख सडक़ों का निर्माण कर विकास को रफ्तार देने का दावा है। हालांकि तमाम दिक्कतों की वजह से इनका निर्माण नहीं हुआ। एसओएस खजूरी कलां से रायसेन रोड तक की मास्टर प्लान रोड पर नर्सरी और मैरिज गार्डन हैं। इसी तरह स्वामी विवेकानंद स्कूल से क्रिस्टल आइडियल सिटी तक, कोलार में केरवा रोड से मंदाकिनी मैदान के आगे तक और दानापानी रेस्टोरेंट से मीरा नगर होते हुए होशंगाबाद रोड तक का नक्शा कब्जों के कारण बिगड़ा हुआ है। खजूरी कलां से पिपलानी पेट्रोल पम्प के बीच सडक़ पर कब्जों के कारण 60 हजार से अधिक आबादी परेशान है। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे के अनुसार मास्टर प्लान की रोड बनवाकर लोगों को अधिकतम राहत देना उद्देश्य है।

manish kushwah
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