मेडिकल कॉलेज का सीनियर डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, परीक्षा के नाम पर मागे थे रुपये

एम.डी. फाईनल ईयर की परीक्षा पास कराने के लिए मांगी थी रिश्वत, फोरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट हेड हैं डॉ मुरली लालवानी

By: Hitendra Sharma

Published: 27 Jul 2020, 04:37 PM IST

भोपाल। शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अपने ही छात्र से रिश्वत लेते पकड़े गये हैं। लोकायुक्त की टीम ने करीब डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते उनको रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। छात्र का आरोप था कि एम.डी. फाईनल ईयर की परीक्षा पास कराने के लिए उससे रिश्वत मांगी थी। आरोपी डॉ मुरली लालवानी फोरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट में पदस्थ हैं।

फरियादी छात्र डॉ. यशपाल सिंह नरवर जिला शिवपुरी का रहने वाला है, वह गांधी मेडीकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में अध्ययनरत है। आवेदक के विभागअध्यक्ष डॉ. मुरली लालवानी द्वारा आवेदक को एम.डी. फाईनल ईयर पास करने के एवज मे और पोस्ट मोर्टम लीगल वर्क के लिए जो शासकीय भुगतान पिछले वर्षो मे आवेदक को गृह विभाग से हुआ है, आवेदक के बेंक खाते मे आए वह 1.5 लाख रुपए डॉ. लालवानी द्वारा यह कह कर मांगे जा रहे हैं कि, आवेदक डॉ. लालवानी के बिहाफ पर पी.एम. एग्ज़ेमिनेशन करता है इसलिए आवेदक वह 1.5 लाख रुपए डॉ. लालवानी को दे दे अन्यथा फेल करने की धमकी दी जा रही थी। आवेदक के साथ ही 2 अन्य पी .जी. छात्रों डॉ. अशोक यादव और डॉ. संजय जैन से भी यही मांग डॉ. लालवानी द्वारा की गई थी।

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डॉ यशपाल ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त को शिकायत की थी, शिकायत की जांच के बाद सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ने टीम बनाई और उसको भेजा जिसने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग मे विभागअध्यक्ष डॉ. मुरली लालवानी को आवेदक से 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त ने डॉक्टर को विभाग अध्यक्ष के कक्ष में ही ट्रेप कर लिया था।

मेडिकल कॉलेज में किसी छात्र द्वारा अपने विभागाध्यक्ष के रिश्वत मांगने का यह पहला मामला है जिसमें लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए रंगे हाथों किसी सीनियर डॉक्टर को पकड़ा है। लोकायुक्त पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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