जीएमसी में आधी रात जूडा आपस में भिड़े, सीनियर को मारा, हॉस्टल में की तोडफ़ोड़, सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर भी उखाड़ी

हॉस्टल में तोडफ़ोड़ : सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर भी तोड़ दिया

भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ अक्सर मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टर शुक्रवार देर रात आपस में ही भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि जूनियर (इंटर्न) डॉक्टर ने अपने सीनियर के साथ ना केवल हाथापाई की बल्कि हॉस्टल में तोडफ़ोड़ भी और सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर भी तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक विवाद इंटर्नशिप कर रहे यूजी स्टूडेंट्स की अटेंडेंस को लेकर विवाद हुआ। अटेंडेंस कम होने के कारण इंटर्न माक्र्स कम हो रहे थे, इसको लेकर सीनियर जूनियर को अस्पताल में आने को कह रहे थे। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भी कुछ इंटर्न ओपीडी में नहीे पहुंचे, इसको लेकर सीनियर्स से इंटर्न जूडा को डांट दिया। इंटर्न को डांट इतनी नागवार गुजरी की वे झगड़ा करने लगे।

रात में फिर हुआ झगड़ा

शाम को हुए विवाद ने देर रात बड़ा रूप ले लिया। इंटर्न छात्रों ने पीजी स्टूडेंट्स को हॉस्टल में घुसकर पीटा। इसके बाद पुलिस या कॉलेज प्रशासन को जानकारी ना मिले इसलिए उन्होंने हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर तोड दिए। घटना की जानकारी लगने के बाद डीन डा. आदित्य अग्रवाल रात १.३० बजे कॉलेज पंहुचे और छात्रों को शांत कराया, हालांकि डीन के जाते ही इंटर्न ने फिर सीनियर्स के साथ मारपीट की।

यह है मामला

जीएमसी में एमबीबीएस कर रहे छात्रों को कोर्स के आखिरी वर्ष में एक साल तक इंटर्नशिप करना होती है। इस इंटर्नशिप में छात्र अस्पताल के विभिन्न विभागों में काम करते हैं और उनकी बकायदा ड्यूटी लगती है। एमबीबीएस के छात्र बराबर काम पर आ रहे हैं या नहीं इसकी निगरानी की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष पीजी कर रहे डॉक्टर को दे देते हैं।

पीजी डॉक्टर्स ने ये कहते हुए अटेंडेंस शीट नहीं दी कि इंटर्न वार्ड में समय पर ड्यूटी नहीं करते और गायब रहते हैं। इस बात को लेकर रात लगभग डेढ़ बजे कहासुनी शुरू हो गई और बात मारपीट तक पंहुच गई।

praveen shrivastava Reporting
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