भोपाल गैस त्रासदी : मृतकों को श्रद्धांजली देकर मंत्री बोले- 'पीड़ितों को मिलेगा पूरा हक, सरकार लड़ेगी कानूनी लड़ाई'

भोपाल गैस त्रासदी : जहरीला कचरा हटाए जाने के समर्थन में 75 हजार लोगों के साथ मंत्री ने किया ऑनलाइन पीटिशन का समर्थन

By: Faiz

Updated: 04 Dec 2019, 12:32 PM IST

भोपाल/ भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी पर आज दिनांक 03 दिसंबर 2019 को जहरीली गैस कांड संघर्ष मोर्चा, राजीव स्मृति गैस पीड़ित पुनर्वास केंद्र और जन शिक्षण संस्थान भोपाल -2 के संयुक्त तत्वाधान में संस्था परिसर पुरानी गैस दावा अदालत ओल्ड.एम.एल.ए क्वाटर्स जवाहर चौक भोपाल में जन श्रधांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर, संस्था एवं मोर्चे के संस्थापक स्व. अलोक प्रताप सिंह और उनके सहयोगी और गैस पीड़ितों का चेहरा माने जाने वाले स्व. अब्दुल जब्बार समेत गैस पीड़ितों के हक में आवाज बुलंद करने वाली सभी दिवंगत आत्माओं को श्रधांजलि दी गई।

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तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दिया था हर संभव मदद का वचन : पी.सी शर्मा

भोपाल गैस त्रासदी : मृतकों को श्रद्धांजली देकर मंत्री बोले- 'पीड़ितों को मिलेगा पूरा हक, सरकार लड़ेगी कानूनी लड़ाई'

जन श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के कानून एवं जनसंपर्क मंत्री पी.सी शर्मा भी शामिल हुए, जहां उन्होंने अपनी बात शुरु करने से पहले भोपाल में 03 दिसंबर 1984 की त्रासदी में मारे गए सभी लोगों को श्रधांजलि दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि, घटना के दूसरे दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भोपाल आए थे, जहां उन्होंने हादसे और पूरे हालात का जायजा लिया था। इसके बाद 12 दिसंबर 1987 को वो एक बार फिर भोपाल आए और केन्द्र सरकार की तरफ से वचन दिया था कि, गैस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए जो भी संभव प्रयास होंगे वो केन्द्र सरकार अपने दम पर उठाएगी।

 

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गैस पीड़ितों को उनका हक मिले, पूरी कोशिश करेगी सरकार : पी.सी शर्मा

मंत्री पी.सी शर्मा ने कहा कि, मौजूदा समय तक गैस पीड़ितों के हक का जो पैसा बाकी रह गया है, उसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पीटिशन लगाई गई है। इसमें राज्य सरकार इंटरवीन करेगी अथवा मोर्चे के सहयोग से इस क़ानूनी लड़ाई को लड़ेगी। मंत्री ने कहा कि, हमारी सरकार पूरी कोशिश करेगी की गैस पीड़ितों को उनका पूरा हक़ मिले।

 

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नहीं होने देंगे भोपाल मेमोरियल का निजीकरण : पी.सी शर्मा

मोर्चे द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन पिटीशन के लिए भी मुख्यमंत्री से समय लिया जाएगा। पीसी शर्मा ने बताया कि, भोपाल मेमोरियल अस्पताल को केन्द्र सरकार द्वारा प्राइवेट हाथों में देने के प्रयास किया जा रहा है। यानी उसका निजीकरण करने की तैयारी है, लेकिन हम ऐसा कतई नहीं होने देंगे। जहरीली गैस कांड संघर्ष मोर्चा के जिम्मेदार स्व. आलोक भाई, स्व. जब्बार भाई, स्व. अशोक भाभा ने गैस पीड़ितों के हक की जिस लड़ाई को अपने दम पर लड़ी है उसे हम प्रदेश सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाएंगे। साथ ही, गैस पीड़ितो के हक की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा, भोपाल गैस कांड जैसे अन्य औधोगिक हादसों में मरने वालों अथवा, औधोगिक जिम्मेदारियों को तय करने, बढ़ता उपभोक्तावाद अथवा पर्यावरण में बदलाव पर भी सीएम से चर्चा करेंगे।

 

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'जहरीली गैस कांड संघर्ष मोर्चा' बना गैस पीड़ितों की पहली आवाज

इस अवसर पर संस्था के पूर्व अध्यक्ष आलोक प्रताप सिंह के बेटे और संस्था के अध्यक्ष अनन्य प्रताप सिंह ने बताया कि, 'जहरीली गैस कांड संघर्ष मोर्चा' 7 दिसंबर 1984 को बनाया जाने वाला गैस पीड़ितों के हक की आवाज बुलंद करने वाला सबसे पहला संगठन था। इसी संगठन की याचिका पर भोपाल गैस पीड़ितों को सर्वोच्च न्यालय के फैसले के बाद 350 करोड़ का अंतरिम मुआवजा भी मिला। उन्होंने बताया कि, मोर्चा पिछले 34 सालों से निरंतर गैस पीड़ितो के पुनर्वास के लिए संघर्ष कर रहा है। मोर्चे ने ही एक बड़ा, देशव्यापी जन आंदोलन तैयार किया था, जिसके परिणाम स्वरूप औधोगिक जिम्मेदारी पर कानून बना, जिसे आज भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता है।


75000 लोग अब तक कर चुके हैं जहरीला कचरा हटाने के समर्तन

भोपाल गैस त्रासदी : मृतकों को श्रद्धांजली देकर मंत्री बोले- 'पीड़ितों को मिलेगा पूरा हक, सरकार लड़ेगी कानूनी लड़ाई'

आयोजन के दौरान पूर्व महापौर दीपचंद यादव ने मंत्री पी.सी शर्मा से निवेदन करते हुए मोर्चे द्वारा चलाए जा रहे ऑनलाइन पिटीशन के समर्थन की बात कही, जिसे मंत्री पीसी शर्मा ने ना सिर्फ स्वीकार किया, बल्कि ऑनलाइन पिटीशन में हस्ताक्षर भी किये। बता दें कि, ये ऑनलाइन पिटीशन यूनियन कार्बाइड परिसर में पड़े जहरीले कचरे को हटाये जाने के लिये मोर्चे द्वारा लोगों से सहमति दर्ज कराई जा रही है। पीटिशन के जरिये अब तक शहर हीनहीं बल्कि प्रदेश के 75000 लोग अपना समर्थन दे चुके है। हालांकि, पिटीशन के माध्यम से लोगों का समर्थन लगातार हजारों की तादाद में बढ़ता जा रहा है।

 

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2015 में हो चुके हैं कचरा हटाए जाने के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं

बता दें कि, कचरा हटाए जाने की याचिका मोर्चे के संस्थापक अलोक प्रताप सिंह ने 2004 में लगाई थी। इस याचिका के आधार पर सर्वोच्च न्यायल ने कचरा हटाने का आदेश 2014 में दे दिया था। 2015 में इसमें से 1 टन कचरे का टेस्ट भी किया गया, जिसके बाद से अब तक इस कचरे को यूनियन कार्बाइड से अब तक नहीं हटाया गया है। मोर्चे के कार्यकारी सदस्यों ने बताया की कई विदेशी चंदे से चलने वाले ट्रस्ट और संस्थाएं अपने स्वार्थ के चलते इस कचरे को हटाए जाने पर अड़ंगे लगा रही हैं। इन ट्रस्टों द्वारा न्यायालय में याचिका दायर करके भी अड़चने पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के सदस्यों और अन्य गैस पीड़ितों की मांग है कि, कचरा हटाए जाने के बाद साफ किये गए स्थान पर गैस पीड़ितों को श्रद्धांजली स्वरूप स्मारक बनाया जाना चाहिए। ताकि, भविष्य में लोगों को उस जहरीली गैस के नुकसान के कारण हुई जनहानि की जानकारी मिल सके।

 

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आयोजन में सामिल हुए थे ये लोग

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष अनन्य प्रताप सिंह समेत मंत्री पी.सी शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, पूर्व बी.डी.ए उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, पार्षद सोनू जैन भाभा, वरिष्ठ पत्रकार लज्जा शंकर हरदेनिया, पूर्व महापौर दीप चंद्र यादव, राजीव लोचन, जे.सी बरई, सेफिया कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद शारिक अली, सुचित्रा दामले, वामन जंजाले, FDPR के अध्यक्ष अलोक यादव, हलीम खान, फिरोज जहां, मोहन मैथिल, अजय यादव और बड़ी संख्या में कोर्डिनेटर्स तथा गैस पीड़ित सदस्य शामिल हुए थे।

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