खाद की किल्लत की हकीकत जानने मैदान में उतरेगी कमलनाथ सरकार

प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव लेंगे जिलों की रिपोर्ट

भोपाल. प्रदेश में खाद पर मचे घमासान का सच जानने प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव मॉनिटरिंग के लिए मैदान में उतरेंगे। दरअसल, विपक्ष ने खाद की कमी को मुद्दा बना रखा है। जबकि सरकार पूरे बंदोबस्त का कर रही है। पूर्व में खाद की कमी पर भी केंद्र के भेदभाव को जिम्मेदार ठहराया है।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 18 लाख टन खाद मांगा था। लेकिन, केंद्र ने 15.40 लाख टन खाद ही देना तय किया। इस कारण मध्यप्रदेश में खाद को लेकर किल्लत शुरू हुई। लेकिन, इसकी एक वजह स्टॉक खत्म होने तक नई खेप नहीं आना भी रहा। अब सरकार ने सभी जिलों में खाद की आपूर्ति बढ़ा दी है। इसके अलावा सभी जिलों से स्टॉक की जानकारी भी मांगी है।
मुख्यालय स्तर पर अभी तक जितनी मांग आई है, उतनी खाद जिलों में भेजी जा चुकी है। एक से दस दिसंबर तक खाद की पूरी आपूर्ति जिलों में की जाएगी। इस कारण अब मैदानी स्थिति को जानने के लिए प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार ने हर जिले के लिए एक अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को प्रभारी सचिव बनाया है।
कृषि मंत्री सचिव यादव का दावा है कि प्रदेश में खाद की किल्लत नहीं है। जिस जिले से जितनी मांग आ रही है उतनी आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार भले ही मध्यप्रदेश से भेदभाव कर रही हो, लेकिन प्रदेश सरकार किसानों को परेशानी नहीं आने देगी।

इस तरह तय की खाद की आपूर्ति
3 दिसंबर: नीमच, ब्यावरा, विदिशा और बालाघाट में एक-एक रैक की आपूर्ति।
4 दिसंबर: विक्रमनगर दो, मांगलिया, मंडीदीप, बैतूल, सतना, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर में रैक।
5 दिसंबर: सागर, विदिशा, नरसिंहपुर व रीवा में 1-1 रैक।
6 दिसंबर: खंडवा, मांगलिया, सीहोर, हरदा में एक-एक व मंडीदीप में दो रैक।
7 दिसंबर: शाजापुर, सतना और मुरैना में एक-एक रैक।
8 दिसंबर: मांगलिया, इटारसी और मंडीदीप में एक-एक रैक।
9 दिसंबर: मुरैना, अशोकनगर व शिवपुरी में एक-एक रैक।
10 दिसंबर: दतिया और पिपरिया में एक-एक रैक।
11 दिसंबर: खंडवा में रैक पॉइंट पर एक यूरिया की रैक पहुंच जाएगी।

यूरिया वितरण शिकायत के लिए कॉल सेंटर
कृषि विभाग ने राज्य स्तरीय यूरिया वितरण शिकायत कक्ष स्थापित किया है। किसान-कल्याण और कृषि विकास संचालनालय स्थित इस कक्ष के 0755-2558823 नंबर पर सुबह 10 से 5.30 बजे तक शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। यहां सहायक संचालक स्तर के 13 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

रविकांत दीक्षित
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