नैनिहालों की ऐसी हालत, अव्यवस्थाएं बनी परेशानी का सबब

नैनिहालों की ऐसी हालत, अव्यवस्थाएं बनी परेशानी का सबब

manish kushwah | Publish: Sep, 08 2018 04:23:51 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

-चार साल बाद भी आंगनबाडिय़ों को नहीं मिल सके खुद के भवन

भोपाल/संत हिरदाराम नगर. नौनिहालों को बेहतर स्वास्थ्य एवं प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन तो किया जा रहा है, पर राजधानी एवं आसपास के क्षेत्रों में इन केंद्रों पर पसरी अव्यवस्थाएं नौनिहालों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आगनबाड़ियों के भवन का काम अधूरा होने के चलते, हादसों की आशंका बनी रहती है। वार्ड तीन के अंतर्गत आने वाले तीन आंगनबाड़ी केंद्र तमाम समस्याओं से दो चार हो रहे हैं। भवन नहीं होने से ये किराए के कमरों में आंगनबाडिय़ां संचालित हो रही हैं। ये स्थिति तब है जब आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के नाम पर लाखों रुपए की राशि आवंटित किए जाने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।

केस-एक
क्रेशर बस्ती में बीडीए के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन बनाने की योजना तैयार की गई थी। स्थल तय करने के साथ ही भूमिपूजन भी कर दिया गया, लेकिन यहां भवन आकार नहीं ले सका है। यहां बच्चों को पेड़ के नीचे बैठाकर प्राथमिक शिक्षा दी जाती है।

केस-दो
ग्राम भैंसाखेड़ी में आंगनबाड़ी भवन अधूरा है। यहां कॉलम तो खड़े कर दिए गए हैं, पर छत नहीं बनाई गई है। नतीजतन बच्चे किराए के कमरों में संचालित हो रही आंगनबाड़ी में प्राथमिक शिक्षा ले रहे हैं। इस केंद्र में तकरीबन 80 बच्चे दर्ज हैं।

केस-तीन
वार्ड तीन में ही बैरागढ़ कला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र शासकीय स्कूल के पास है। देखरेख के अभाव में आंगनबाड़ी भवन जर्जर हो चुका है। यहां हमेशा हादसे का भय बना रहता था, लिहाजा आंगनबाड़ी केंद्र को किराए के कमरों में संचालित किया जा रहा है।

क्रेशर बस्ती की आंगनबाड़ी की दुर्दशा के संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस को पत्र लिखा था। इसके अलावा वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा सुधारने के लिए विभाग के कमिश्नर समेत आला अधिकारियों को आवेदन दिए गए हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अशोक मारण, पार्षद, वार्ड 03

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