कांग्रेस से आठ उम्मीदवारों के चयन में हुई गलती

12 विधानसभा प्रभारियों ने नहीं किया जिताउ काम

कमलनाथ ने तैयार कराई चुनाव की खुफिया रिपोर्ट

 

By: Arun Tiwari

Published: 17 Nov 2020, 06:51 PM IST

भोपाल : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव वाली सभी 28 विधानसभा सीटों से चुनावी नतीजों की खुफिया रिपोर्ट तैयार कराई है। हारे हुए उम्मीदवार और विधानसभा प्रभारियों की रिपोर्ट के पहले कमलनाथ ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि कांग्रेस से उम्मीदवार चयन में गलती हुई है। आठ ऐसे उम्मीदवार हैं जिनसे बेहतर उम्मीदवार चुने जा सकते थे।

इन प्रत्याशियों का चयन कांग्रेस को बहुत भारी पड़ गया। इसके अलावा करीब 12 विधानसभा प्रभारियों ने चुनाव जिताने का काम नहीं किया बल्कि वे कमलनाथ के सामने मुंह दिखाई में लगे रहे। ये वही विधानसभा प्रभारी हैं जिन्होंने कमलनाथ के सामने जीत के बड़े-बड़े दावे किए थे। इन कारणों ने कमलनाथ की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कमलनाथ ने ये स्पष्ट रुप से कह दिया है कि उनके पास एक-एक नेता की पूरी रिपोर्ट है। और वे ये भी जानते हैं कि किसने कितना काम किया है और किसने सिर्फ मुंह दिखाई की है। बैठक में इस बात के भी प्रमाण हैं कि कई जगह कांग्रेस नेता भाजपा से मिल गए थे।

- इन उम्मीदवारों के चयन में हुई भूल
- हरिवल्लभ शुक्ला - पोहरी
- पारुल साहू - सुरखी
- कन्हैयाराम लोधी- मुंगावली
- मदनलाल चौधरी - सांची
- विश्वनाथ कुंजाम - अनूपपुर
- प्रेमचंद गुड्डू - सांवेर
- कन्हैयालाल अग्रवाल - बमोरी
- राकेश पाटीदार - सुवासरा

इन सीटों के प्रभारी रहे जीत दिलाने में नाकाम :
- जीतू पटवारी - सांवेर
- सज्जन सिंह वर्मा - हाटपिपल्या
- सुखदेव पांसे - सांची
- सचिन यादव - मुंगावली
- हर्ष यादव - बड़ा मलहरा
- लखन घनघोरिया - सुरखी
- कमलेश्वर पटेल - भांडेर
- राजकुमार पटेल - पोहरी
- हुकुम सिंह कराड़ा - बमोरी
- एनपी प्रजापति - अनूपपुर
- बाला बच्चन - बदनावर
- प्रियव्रत सिंह - सुवासरा
मिशन 150 पर काम शुरु :
कमलनाथ ने अब मिशन 150 पर काम शुरु कर दिया है। ये मिशन 150 तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव का लक्ष्य है। कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि अभी से अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरु की जा रही है। और इसमें 150 सीटों का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए निचले संगठन में पूरा बदलाव होगा। नगरीय निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव और मंडी चुनाव में कांग्रेस अपनी ताकत दिखाएगी। और ये चुनाव विधानसभा चुनाव के सेमीफाइलन की तर्ज पर लड़े जाएंगे।
भाजपा और कांग्रेस में 9 लाख वोट का अंतर :
इन उपचुनाव में भाजपा ने 9 लाख वोट ज्यादा हासिल किए हैं। 2018 में कांग्रेस ने इन 27 सीटों पर भाजपा से 415228 वोट ज्यादा हासिल किए थे। उपचुनाव में पांसा पलट गया। भाजपा ने कांग्रेस से 19 सीटों पर 518718 वोट ज्यादा प्राप्त किए। यानी भाजपा ने कांग्रेस के 4 लाख का अंतर कम किया और 5 लाख वोट ज्यादा हासिल किए। इस तरह भाजपा को 9 लाख वोटों का फायदा हुआ। वहीं कांग्रेस जिन 9 सीटों पर चुनाव जीती है वहां कांग्रेस को 115993 वोट ज्यादा हासिल हुए।

mp kamalnath
Arun Tiwari Reporting
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