अब खत्म होगा 'मकान मालिक' और 'किराएदार' का झगड़ा, बदलने वाले हैं ये नियम

आने वाले दो महीनों में लागू हो सकता है आदर्श किराएदारी अधिनियम....

By: Ashtha Awasthi

Published: 16 Sep 2020, 01:25 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के किराएदारों और मकान मालिकों के लिए ये जरुरी खबर है। बता दें कि मध्यप्रदेश सहित राजधानी भोपाल में जल्द ही केंद्र का आदर्श किराएदारी अधिनियम-2020 (एमटीए) लागू हो सकता है। इस अधिनियम के तहत मकान मालिकों और किराएदारों के बीच लिखित अनुबंध के साथ ही किराया तय होने से लेकर हर बड़ी से छोटी जिम्मेदारी तक तय होगी। जिन्हें दोनों ही पार्टियों को पूरा करना होगा। केंद्र की मंशा इसे अक्टूबर में ही लागू करने की है।

इस अधिनियम के तहत कई मानकों पर चीजें तय की जएंगी। जिसमें मकान या फ्लैट की पुताई कौन करवाएगा तो नल की टोटी से लेकर वॉश बेसिन और पंखे या खराब स्विच कौन बदलवाएगा ये सब होगा। साथ ही साथ मकान मालिक और किराएदार के बीच किसी भी तरह का विवाद होने पर किराया प्राधिकरण और किराया न्यायालय सुनवाई करेगा।

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किराएदार को करने होंगे ये काम

किराए में घर लेकर रहने वाले लोगों को नल वॉशर और नलों को बदलना, टॉयलेट, वॉश बेसिन, गीजर, बॉथ टब, नाली सफाई जैसे कार्य खुद करने होंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक सॉकेट, स्विच, पंखे और छोटे बिजली उपकरणों का मेंटनेंस खुद करना होगा।

मकान मालिक को करने होंगे ये काम

अधिनियम के तहत मकान मालिक को नलों के पाइप की मरम्मत और बदलवाना, इलेक्ट्रिक वायरिंग और बड़े बिजली से जुड़े काम व मकान, दरवाजे, खिड़की की पेटिंग स्वयं ही करानी होगी।

सहमति से तय होगा किराया

लागू होने वाले अधिनियम के तहत मकान मालिक और किराएदार के बीच सहमति से ही किराया तय होगा। अधिनियम के लागू होने के बाद मकान मालिक अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। साथ ही हर जिले में किराया प्राधिकारी में डिप्टी कलेक्टर, रेंट कोर्ट के लिए अतिरिक्त कलेक्टर होंगे। हाईकोर्ट के परामर्श से सभी जिलों में किराया न्यायालय के संचालन के लिए जिला न्यायाधीश या अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नियुक्त होंगे।

इस अधिनियम लागू होने के बाद सिविल कोर्ट में अपील या वाद दायर नहीं हो सकेगा। मकान मालिक बिना डर के संपत्ति किराए पर दे सकेंगे। मकान मालिक और किराएदार का करारनामा उनकी मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों पर भी लागू होगा। किराएदार की मृत्यु के तत्काल बाद उत्तराधिकारी से जबरिया मकान खाली नहीं कराया जा सकेगा।

Ashtha Awasthi
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