जेके मोहंती का डिमोशन, राठौर को मिला वन बल प्रमुख का वेतनमान

वन बल प्रमुख का वेतनमान एक जनवरी से जेके मोहंती को नहीं, बल्कि वन विकास निगम के एमडी बीएमएस राठौर को दिया

By: Ashok gautam

Published: 19 Jan 2019, 09:47 AM IST

भोपाल। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी जेके मोहंती को वन बल प्रमुख का वेतनमान (अपेक्स वेतनमान) देने के आदेश को 15 दिन बाद बदल दिया है।

सरकार ने इस आदेश को संशोधित करते हुए शुक्रवार को यह आदेश जारी किया है वन बल प्रमुख का वेतनमान एक जनवरी से मोहंती को नहीं, बल्कि वन विकास निगम के एमडी बीएमएस राठौर को दिया जाएगा। मोहंती को यह वेतनमान एक फरवरी के बाद दिए जाएंगे। स्मरण रहे कि वन विभाग में वन बल प्रमुख का एक ही पद है।

सरकार ने आदेश में यह साफ नहीं किया है कि राठौर वन बल प्रमुख का वेतनमान पाने के बाद भी वन विकास निगम में एमडी रहेंगे या वन बल प्रमुख की कुर्सी में बैठेंगे। वहीं जेके मोहंती के भी आदेश में भी इस बात का भी उल्लेख नहीं किया गया है, वन बल प्रमुख रहेंगे या फिर 15 दिन के लिए उक्त पद से हटेंगे। इस संबंध में वन विभाग के प्रमुख सचिव केके सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि सरकार ने दो जनवरी को राठौर से जूनियर आईएफएस अधिकारी जेके मोहंती को वन बल प्रमुख का वेतनमान देने का आदेश जारी किया था। बताया जाता है कि राठौर का वन बल प्रमुख के वेतनमान पाने वाले अधिकारियों में अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल होगा क्योंकि राठौर 31 जनवरी को रिटायर्ड हो रहे हैं। वे लंबे समय से 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डवलपमेंट Ó(आईसीआईएमओडी) में प्रतिनियुक्ति पर मुख्य नीति विश्लेषक सलाहकार थे और वरिष्ठता के क्रम में सबसे ऊपर होने के कारण दो माह पहले ही मध्य प्रदेश लौट आए थे। उन्हें वन विभाग की परंपरा के अनुसार हॉफ की कुर्सी मिलने का भरोसा था, लेकिन ऐनवक्त पर जेके मोहंती को वन बल प्रमुख बना दिया गया था। हालांकि राठौर की पदस्थापना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। वे मप्र राज्य वन विकास निगम में प्रबंध संचालक ही बने रहेंगे।

सरकार ने इस आदेश को संशोधित करते हुए शुक्रवार को यह आदेश जारी किया है वन बल प्रमुख का वेतनमान एक जनवरी से मोहंती को नहीं, बल्कि वन विकास निगम के एमडी बीएमएस राठौर को दिया जाएगा। मोहंती को यह वेतनमान एक फरवरी के बाद दिए जाएंगे। स्मरण रहे कि वन विभाग में वन बल प्रमुख का एक ही पद है।

सरकार ने आदेश में यह साफ नहीं किया है कि राठौर वन बल प्रमुख का वेतनमान पाने के बाद भी वन विकास निगम में एमडी रहेंगे या वन बल प्रमुख की कुर्सी में बैठेंगे। वहीं जेके मोहंती के भी आदेश में भी इस बात का भी उल्लेख नहीं किया गया है, वन बल प्रमुख रहेंगे या फिर 15 दिन के लिए उक्त पद से हटेंगे। इस संबंध में वन विभाग के प्रमुख सचिव केके सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि सरकार ने दो जनवरी को राठौर से जूनियर आईएफएस अधिकारी जेके मोहंती को वन बल प्रमुख का वेतनमान देने का आदेश जारी किया था।

बताया जाता है कि राठौर का वन बल प्रमुख के वेतनमान पाने वाले अधिकारियों में अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल होगा क्योंकि राठौर 31 जनवरी को रिटायर्ड हो रहे हैं। वे लंबे समय से 'इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डवलपमेंट Ó(आईसीआईएमओडी) में प्रतिनियुक्ति पर मुख्य नीति विश्लेषक सलाहकार थे और वरिष्ठता के क्रम में सबसे ऊपर होने के कारण दो माह पहले ही मध्य प्रदेश लौट आए थे।

उन्हें वन विभाग की परंपरा के अनुसार हॉफ की कुर्सी मिलने का भरोसा था, लेकिन ऐनवक्त पर जेके मोहंती को वन बल प्रमुख बना दिया गया था। हालांकि राठौर की पदस्थापना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। वे मप्र राज्य वन विकास निगम में प्रबंध संचालक ही बने रहेंगे।

वन विभाग में अभी तक की यह परंपरा रही है कि सीनियर मोट आईएफएस अधिकारी को ही वन बल प्रमुख बनाया जाता हरा है। इसके पहले भी रवि श्रीवास्तव और जब्बाद हसन को एक माह के लिए वन बल प्रमुख बनाया गया बनाया था। यह पहला मौका था जब जूनियर को प्रमोद कर सीनियर अपेक्स का स्केल दे दिया गया था, इसको लेकर आईएफएस अधिकारियों में काफी नाराजगी थी।

Ashok gautam
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