लोकसभा चुनाव में गेम चेंचर होगा मोदी सरकार का यह फैसला, 125 लोकसभा सीटों पर सवर्णों का प्रभाव

लोकसभा चुनाव में गेम चेंचर होगा मोदी सरकार का यह फैसला, 125 लोकसभा सीटों पर सवर्णों का प्रभाव

By: shailendra tiwari

Published: 07 Jan 2019, 04:04 PM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश समेत तीन राज्यों में करारी हार के बाद भाजपा की केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक खेला है। पीएम नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी। सोमवार को पीएम मोदी की अध्‍यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई है। बता दें की सरकार यह आरक्षण केवल शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में देगी। । सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है। देश की कुल 543 लोकसभा सीटों में से सामान्य वर्ग के लिए 412 सीटें, अनुसूचित जाति के लिए 84 और अनुसूचित जन जाति के लिए 47 सीटें निर्धारित हैं।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया स्वागत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आज सवर्ण समाज के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ चलते हुए अब देश में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों को भी सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण दिया जाएगा।


मध्यप्रदेश में 19 सीटें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित
मध्यप्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें हैं। इन 29 लाकसभा सीटों में 19 आनारक्षित, अनुसूचित जाति 4 और 6 सीटें अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस को केवल 2 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, उत्तरप्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में 63 सीटें सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हैं।


सवर्णों की नाराजगी के कारण हुई थी हार
मध्यप्रदेशश समेत तीन राज्यों में भाजपा की हार का कारण सवर्णों की नाराजगी माना जा रहा था। बता दें कि एससी-एसटी एक्ट में कानून बनाने के बाद सरकार के खिलाफ सवर्णों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल और विंध्य क्षेत्र में सवर्णों की नाराजगी बहुत अधिक थी। सवर्णों की नाराजगी के कारण ही ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा की करारी हार हुई है। जानकारों का कहना है कि सरकार ने यह फैसला मध्यप्रदेश समेत तीन राज्यों में हार के बाद लिया है। इसे हार का इम्पैक्ट भी कहा जा सकता है।

125 लोकसभा सीटों पर सवर्ण का प्रभाव
देश में 1931 के बाद कभी जातिगत जनगणना नहीं हुई। हालांकि, नब्बे के दशक में गठित किए गए मंडल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पिछड़े वर्ग की आबादी 50% से ज्यादा बताई गई थी। 2007 में सांख्यिकी मंत्रालय के एक सर्वे में कहा गया था कि हिंदू आबादी में पिछड़ा वर्ग की संख्या 41% और सवर्णों की संख्या 31% है। जानकारी के अनुसार, कारीब 125 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां हर जातिगत समीकरणों के आधार पर सवर्ण वोटर का प्रभाव रहता है। सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से पहले गेम चेंचर माना जा सकता है।

Amit Shah Narendra Modi पीएम नरेन्द्र मोदी
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