भीख मांगने वाले गिरोह पर प्रशासन हुआ सख्त, ‘कारा’ ने दिया ये निर्देश

‘कारा’ ने कलेक्टर व उप पुलिस महानिरीक्षक से मिलकर यातायात सिग्नल पर भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का दिया निर्देश

By: योगेंद्र Sen

Published: 10 Feb 2018, 05:35 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, महिला बाल विकास मत्रांलय नईदिल्ली ‘कारा’ के प्रभारी ने भोपाल कलेक्टर सुदाम खाड़े व उप पुलिस महानिरीक्षक धर्मेंद्र चौधरी से मिलकर यातायात सिग्नल पर भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ‘कारा’ प्रभारी दुर्गेश केसवानी ने कहा कि नगर में भीख मांगने वालों का गैंग सक्रिय है। जो मासूम बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन से सख्त कदम उठाने को कहा है।

उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति गिरोह में महिलाओं के साथ-साथ नाबालिग बच्चें भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार भीख मांगने के ठेकेदारों के द्वारा ठेके उठाए जाते हैं, जिस उम्र मे बच्चों को पढ़ाई लिखाई कर उज्ज्वल भविष्य बनाने की लगन होती है। उस उम्र में ये लोग बच्चों से जबरन भीख मंगवाने के लिए प्रताड़ित करते हैं। इन लोगों के भीख मांगने के दिन भी बंधे रहते है। हफ्ते के दिनों की हिसाब से ये लोग अपनी-अपनी टोलियों को बाजार में उतारते हैं।

भीख मांगना कानून जुर्म
दुर्गेश केसवानी ने बताया कि बच्चों द्वारा भीख मांगना कानून जुर्म है। इसके पीछे ठेकेदारों का गिरोह भी शामिल हो तो ये जुर्म और भी बड़ा हो जाता है। पुलिस-प्रशासन को चाहिए कि इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाए, ठेकेदार चंद पैसे के लालच में नाबालिगों से भीख मंगवा रहे हैं। कल ज्यादा पैसे के लालच में इन्हीं बच्चों से कुछ भी गलत काम करवा सकते हैं। जेजे एक्ट 2015 की धारा 76 के तहत यह एक गंभीर अपराध है। इस कानून के तहत भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को 5 साल का कारावास व 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

फांसी लगाकर एक युवक ने की आत्महत्या
इधर, हबीबगंज थाना क्षेत्र के पीसी नगर झुग्गी में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने अभीतक युवक के आत्महत्या के पीछे का कारण नहीं पता कर सकी है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है। हबीबगंज थाना पुलिस के मुताबिक विनोद पिता रामचरण (20) ने बीते शुक्रवार सुबह अपने घर में फांसी लगायी थी। परिजनों ने जब विनोद को फंदे पर झूलता हुआ देखा, तो उसे बाद में नीचे उतारा। पुलिस का कहना है कि विनोद की हालत खराब होता देख परिजनों ने उसे इलाज के लिए 1250 जेपी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस मामले में मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा दिया है।

योगेंद्र Sen Reporting
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