गेहूं खरीदी में फिर पंजाब से आगे निकला एमपी, 135 लाख टन खरीदेगी केन्द्र सरकार

- गेहूं खरीदी के मामले में एमपी पूरे देश में नंबर 1
- बीते साल 129 लाख टन हुई थी खरीदी
- समर्थन मूल्य गेहबं की खरीदी का लक्ष्य

By: Hitendra Sharma

Published: 06 Mar 2021, 01:45 PM IST

भोपाल. एक बार फिर मध्य प्रदेश ने गेहूं के उपार्जन में पंजाब को पीछे छोड़ते हुए 135 लाख टन गेहूं के उपार्जन की अनुमति हासिल की है। केन्द्र सरकार ने मध्य प्रदेश को साल 2021 के लिये समर्थन मूल्य पर 135 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की अनुमति दी है। प्रदेश सरकार ने केन्द्र के पास 140 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खरीदी का प्रस्ताव रखा था। वहीं, पंजाब को 115 लाख टन गेहूं खरीदी की स्वीकृति मिली है।

देश में पहले नंबर पर मध्य प्रदेश
अब इस साल भी गेहूं खरीदी के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में पहले नंबर पर होगा, जबकि पिछले साल केन्द्र ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी करने की स्वीकृति दी थी। जिसके बदले में सरकार ने 129 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी की थी।

किसे कितनी अनुमति

मध्यप्रदेश 135 लाख टन
पंजाब 115 लाख टन
हरियाणा 99 लाख टन
उत्तरप्रदेश 55 लाख टन

एमएसपी 1975 रुपए, 27 लाख पंजीयन हुए
केन्द्र सरकार ने गेहूं की एमएसपी 1975 रुपए प्रति क्विंटल तय की है। बाजार में वर्तमान में गेहूं करीब 16०० रुपए क्विंटल बिक रहा है। वहीं, प्रदेश में इस साल अब तक सर्वाधिक 27 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

कोलकाता से मंगाया जाएगा बारदाना
राज्य सरकार ने अभी से गेहूं खरीदी की तैयारी शुरू कर दी है। जूट निगम ने कोलकाता से सवा लाख मीट्रिक टन बारदाने की डिमांड की है। जूट के पुराने सिंगल यूज बारदाने खरीदने के लिए भी विज्ञापन जारी किए गए हैं।

55 लाख टन भंडारण करने गोदाम चाहिए
प्रदेश में करीब 70 लाख मीट्रिक टन गेहूं भंडारण की व्यवस्था है। तीन माह के अंदर 10 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण के लिए और गोदाम खाली होने की उम्मीद है। जबकि 55 लाख मीट्रिक टन के आसपास गेहूं का भंडारण खुले गोदामों में होने की संभावना है। कलेक्टरों को खुले गोदाम बनाने के लिए जगह चिह्नित करने के लिए कहा गया है, जिससे बारिश में गेहूं को भींगने से बचाया जा सके।

Hitendra Sharma
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