जनता के काम को रोकने वाला अफसर मुझे बर्दाश्त नहीं : CM कमलनाथ

मुख्यमंत्री ने बताई वर्किंग स्टाइल...

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पद संभालने के साथ ही अपने तेवर दिखा दिए। कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा- जो होने वाला काम है, उसे कोई अधिकारी रोकेगा तो उसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं करूंगा।

यदि किसी होने वाले काम के लिए किसी को मुझ तक आना पड़े तो ये तो बिलकुल गलत है। कमलनाथ जब मीडिया से बातचीत करने पहुंचे तो उनके साथ महज दो विधायक जीतू पटवारी और कुणाल चौधरी थे।


मंत्रालय एनेक्सी में कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा- आज वचन-पत्र के सबसे अहम वादा कर्जमाफी की पहली फाइल की है। इसके आदेश दे दिए हैं। रोजगार सबसे जरूरी चीज है।

हमें देखना होगा जनता को आज क्या अपेक्षाएं हैं। 40-50 साल पहले हमने वो जमाना देखा है, जब हर व्यक्ति सरकारी नौकरी चाहता था, लेकिन अब वक्त बदल गया है। इंटरनेट-फोन का युग है, जो पहले नहीं था। अभी ऐसी अनेक योजनाएं हैं, जिनका डिलीवरी सिस्टम फेल है।

डिलीवरी सिस्टम को रिफार्म करेंगे। निवेश स्कीम में 70 फीसदी स्थानीय रोजगार होना जरूरी है। इसके लिए संशोधन किया है। इंसेटिव भी मिलेगा।

निवेश स्कीम में संशोधन के सवाल पर कमलनाथ ने कहा- आज मैं ही कैबिनेट हूं, कोई और मंत्री तो है नहीं, इसलिए मैंने ही फाइल साइन की है। वचन-पत्र के जो बिंदु हैं, उन्हें पूरा करेंगे। गारमेंट्स पार्क के फैसले कहा- उद्योग से रोजगार के अवसर बढ़ते। आर्थिक गतिविधि बढ़ती है।

अफसरों से बोले- परिवर्तन हो चुका है...
मुख्यमंत्री कमलनाथ मंत्रालय एनेक्सी पहुंचे तो अपने कामकाज का स्पष्ट अंदाज बता दिया। उन्होंने चंद मिनटों में पांच फाइलें हस्ताक्षर कर दीं। न तो अधिकारियों के प्रेजेंटेशन में उलझे और न शिकवे-शिकायतों में।

अफसरों की बैठक ली तो भी संदेश साफ था कि परिवर्तन हो चुका है। बैठक में अफसरों को साफ कहा- वक्त बदल रहा है, अब उसके हिसाब से काम करने की जरूरत है।

मैं ऐसा व्यक्ति नहीं कि अधिकारों का केंद्रीयकरण करूं। ऐसा न हो कि कुछ दफ्तर ही पॉवरफुल हो। सभी को अधिकार दूंगा, लेकिन उसका दुरुपयोग नहीं हो।

उन्होंने कहा कि परिवर्तन हो चुका है, अब काम का तरीका बदलने की जरूरत है। जो कचरा योजनाएं हैं, उनको तत्काल बंद कर दो। उन्होंने कहा कि सभी को मिल-जुलकर टीम भावना से काम करना है।

ये योजनाएं बंद करा रहा हूं तो यह मत सोचना की बदले की भावना से बंद करा रहा हूं। मैं बदले की भावना से काम करने वाला व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन केंद्र में मंत्री रहा हूं। मुझे पता है कि लोग किस तरह परेशान होते हैं।

कमलनाथ ने कहा कि सभी आइएएस अफसरों से बाद में मिलकर अलग-अलग रिव्यू करूंगा। आइएएस अफसरों की बैठक में ज्यादातर समय कमलनाथ ने अंग्रेजी में संबोधित किया।


वचन-पत्र सौंपा
कमलनाथ ने पार्टी का वचन-पत्र सीएस बीपी सिंह को सौंपा। साथ ही यह भी कहा कि यह मत समझना कि यह पार्टी का वचन-पत्र है। यह सरकार का वचन-पत्र हैं और हमें मिलकर इसे पूरा करना है। सभी प्रमुख सचिवों को भी यह वचन-पत्र दिया जाए।

बड़ी चुनौती बेचैनी और चिंता
कमलनाथ ने कहा कि जनता ने बड़े भरोसे के साथ परिवर्तन किया है। जो अपेक्षाएं हैं, जो आशाएं हैं उससे मुझे बेचैनी और चिंता है। जो नौजवान हैं, उनकी तड़प, उनकी अपेक्षाएं-आशाएं बहुत हैं।

इसे कायम रखने की चुनौती है। ये बहुत बड़ी चुनौती है। आज 90 फीसदी आम आदमी को पंचायत, ब्लॉक, तहसील और कलेक्ट्रेट से ही काम पड़ता है। उनको वल्लभ-भवन से कोई मतलब नहीं तो फिर उन्हें यहां क्यों चक्कर काटने आना पड़े।

कर्ज माफी से पेट-दर्द क्यों?
उन्होंने कहा कि खजाने की स्थिति मुझे पता है। बैंक जब उद्योगपतियों को कर्ज माफ करते हैं, तब तो उनके पेट में दर्द नहीं होता। तो फिर किसानों का कर्ज माफ करते समय पेट-दर्द क्यों? बैंकों को भी इस बारे में सोचना होगा।

सिख दंगों में जांच को लेकर कमलनाथ ने कहा कि जांच हो चुकी है। सरकारी परिसरों में संघ की शाखा पर प्रतिबंध को लेकर कहा कि ये केंद्र के आदेश हैं। केंद्र चाहे तो बदल दें।

kamalnath oath ceremony

अफसरों को दिखाए तेवर
कमलनाथ ने कहा- मैंने अफसरों को साफ कह दिया है कि सरकार में परिवर्तन हुआ है, लेकिन आपमें परिवर्तन हुआ या नहीं? आपमें परिवर्तन की जरूरत है। जो व्यवस्थाएं चल रही थी, वो अच्छी नहीं हैं। इसमें रिफार्म करने की जरूरत है।

मंत्रियों का अभी सोचा नहीं
मंत्रीमंडल गठन को लेकर कमलनाथ ने कहा कि अभी इस बारे में सोचा नहीं। अब सोचूंगा।

इधर, शपथ समारोह में सियासी मिठास...
शिव-फारुख चर्चा : मंच पर जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अबदुल्ला और शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई। बीच में शरद पवार बैठे हैं।

गौर साहब आइए : शपथ समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर पहुंचे तो दिग्विजय सिंह उन्हें खुशी-खुशी हाथ पकड़कर कुर्सी तक ले गए।

भीड़ में मसानी : चुनाव में चर्चा में रहे शिवराज के-साले संजय मसानी मंच से नीचे भीड़ में नजर आए। शिवराज मंच पर थे।

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दीपेश तिवारी
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