झोपड़ी में रहता है IIT का प्रोफेसर, गवर्नर का है शिक्षक, टैक्सास से की PHD

झोपड़ी में रहता है IIT का प्रोफेसर, गवर्नर का है शिक्षक, टैक्सास से की PHD
former professor

Manish Geete | Updated: 16 May 2016, 12:43:00 PM (IST) Bhopal

दिल्ली के रहने वाले आलोक सागर कोचामऊ जैसे छोटे से गांव में आदिवासियों की तरह 26 सालों से रह रहे हैं। जब थाने में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता बताई, तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

भोपाल। क्या आप सोच सकते हैं कि IIT दिल्ली जैसे बड़े संस्थान में प्रोफेसर की नौकरी छोड़ एक आम आदमी आदिवासियों की तरह झोपड़े में रह सकता है। तमाम विदेशी आदिवासी बोली और देश की भाषाएं बोलने वाला यह शख्स उस समय सुर्खियों में आया जब बैतूल जिले के शाहपुर में उन्हें जेल में डालने की धमकी दी गई। प्रोफेसर आलोक सागर नामक इस शख्स ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को पढ़ाया है, कई डिग्रियों को छुपा कर रखा है।

क्यों छिपाई योग्यता
सागर ने 1973 में IIT दिल्ली से एमटेक किया था। वर्ष 1977 में ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी टेक्सास से शोध की भी डिग्री ली थी। इसी विश्वविद्यालय से डेंटल ब्रांच में पोस्ट डॉक्टरेट और समाजशास्त्र, डलहौजी विश्वविद्यालय कनाडा में फैलोशिप की। वे पिछले 26 सालों से जंगल को हरा-भरा करने के अपने मिशन में लगे हुए थे। सागर कहते हैं कि योग्यता छिपाने का मकसद इतना ही है कि वे दूसरों से अलग नहीं दिखना चाहते हैं।

टायर से बनी पहनते हैं चप्पल
प्रो. सागर का हुलिया देखर नहीं लगता है कि वे टेक्सास यूनिवर्सिटी से शोध कर चुके हैं और IIT दिल्ली में गवर्नर के शिक्षक रह चुके हैं। उनके उलझे हुए बाल, बढ़ी हुई दाढ़ी और कंधे पर लटका झोला देखकर कोई प्रभावित नहीं होता था। निर्धन लोगों की तरह एक झोपड़े में जैसे-तैसे गुजारा करने वाले प्रो. सागर का हुलिया गरीब आदिवासियं की तरह ही है। वे इसीलिए आदिवासियों में रम गए हैं। आदिवासियों को जिंदगी में परिवर्तन कराना सिखा रहे हैं, लेकिन वे अपनी पहचान छुपाते थे।

अच्छे पढ़े-लिखे हैं भाई और बहन
प्रो. सागर के पिता सीमा व उत्पाद शुल्क विभाग में नौकरी करते थे। छोटा भाई अंबुज IIT दिल्ली में प्रोफेसर है। एक बहन कनाडा में है, दूसरी JNU में नौकरी करती है। वे कई भाषाओं के जानकार हैं, कई क्षेत्रों के आदिवासियों से वे उन्हीं की भाषा में बात करते हैं। इसलिए वे आदिवासियों के काफी करीबी बन जाते हैं।

यह है मामलाः टीआई ने दी थी धमकी
समाजवादी जनपरिषद के अनुराग मोदी ने आरोप लगाए हैं कि बैतूल जिले के शाहपुर ब्लॉक के कोचामऊ में पिछले 26 सालों से गुमनामी की जिंदगी जी रहे IIT के पूर्व प्रोफेसर आलोक सागर को पुलिस ने जेल में डालने की धमकी दी है, क्योंकि पुलिस ने उन्हें उपचुनाव संपन्न होने तक गांव छोड़ देने को कहा था और वे नहीं माने। सागर IIT दिल्ली में RBI गवर्नर के शिक्षक रहे हैं। मोदी ने बताया कि पुलिस की धमकी के कारण प्रो. सागर जेल जाने के लिए दो जोड़ी कपड़े लेकर शाहपुर थाने पहुंच गए थे। मोदी बताते हैं कि चुनाव के दौरान किसी व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है।

जब बताई डिग्री तो रह गए सब हैरान
दिल्ली के रहने वाले आलोक सागर कोचामऊ जैसे छोटे से गांव में आदिवासियों की तरह 26 सालों से रह रहे हैं। जब थाने में उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता बताई, तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

नहीं दी कोई धमकी- TI
शाहपुर थाने के टीआई राजेंद्र धुर्वे का कहना है कि धमकी की बात बेबुनियाद है। चुनाव को लेकर ब्लॉक स्तरीय मीटिंग के दौरान कुछ लोगों ने एक बाहरी व्यक्ति के लंबे समय से गांव में होने की सूचना दी थी। हमने केवल जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से बुलवाया था कि वे कौन हैं और क्यों यहां रह रहे हैं। उनसे परिचय प्राप्त करने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। चुनाव के दौरान यह जानकारी लेना जरूरी होता है।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned