कॉलेज की पढ़ाई के बाद कितनों को मिला रोजगार, राज्य सरकार एकत्र करेगी जानकारी

- इन विद्यार्थियों को टै्रक करने लिया जाएगा सोशल मीडिया का सहारा

भोपाल@अशोक गौतम की रिपोर्ट...

कॉलेज की पढ़ाई के बाद कितनों विद्यार्थियों को रोजगार मिला है, कितनों को नहीं। जिन विद्यार्थियों को रोजगार नहीं मिला है वे वर्तमान में क्या कर रहे हैं। विश्व बैंक के सहयोग से राज्य सरकार इसकी एक डिटेल रिपोर्ट तैयार करवा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं।

विद्यार्थियों की डिटेल पता करने के लिए राज्य सरकार कालेज को ५० रुपए प्रत्येक विद्यार्थी के हिसाब से देगी। उच्च शिक्षा विभाग ने डेढ़ माह कॉलेजों से पूरी रिपोर्ट एक्सल शीट में मांगी है।

दरअसल, सरकार जानना चाहती है कि वर्ष 2019 में कॉलेज से पास आउट हुए विद्यार्थी क्या कर रहे हैं। कितने छात्र-छात्राएं नौकरी कर रहे हैं, रोजगार अथवा व्यवसाय करने में लगे हैं अथवा रोजगार की तलाश में कितने इधर-उधर घूम रहे हैं।

ये तथ्य आएंगे सामने

- सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकार तय कर सकेगी। कितने स्नातक और स्नातकोस्तर विद्यार्थियों को नौकरियां और व्यवसाय पैदा करने की जरूरत है।

- रिपोर्ट से इस बात का भी खुलासा होगा कि किस विषय की पढ़ाई करने वाले युवा ज्यादा बेरोजगार हैं और किस विषय की पढ़ाई करने वाले युवाओं को ज्यादा रोजगार मिल रहे हैं।

- जो बच्चे बेरोजगार हैं उन्हें किन क्षेत्र में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा सकता है।

- बेरोजगारों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की क्या स्थिति है।

- ग्रामीण युवा रोजगार की तलाश में कौन से शहर में जाना पसंद करते हैं।

- रिपोर्ट और सांख्यकी तैयार होने के बाद सरकार इस दिशा में नीति तैयार करेगी।

विधार्थियों को एेसे किया जाएगा ट्रैक
- विद्यार्थियों के प्रवेश फार्म और कॉलेजों के रिकार्ड के आधार पर उनका मोबाइल नम्बर निकाला जाएगा।

- मोबाइल नम्बर से उन्हें वाट्सएप, इंस्ट्रग्राम, टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क कर जानकारी ली जाएगी।
- जिन विद्यार्थियों के मोबाइल नम्बर नहीं है उनकी प्रोफाइल फेसबुक के माध्यम से पता लगाया जाएगा और उसे फेसबुक के जरिए जवाब सवाल किया जाएगा।

- इसके बाद उनकी प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसके अलावा अभिभावकों से भी विद्यार्थियों के संबंध में पता लगाया जाएगा।

अब हर साल होगा रिकार्ड तैयार
कॉलेज अब विद्यार्थियों का रिकार्ड प्रति वर्ष अपडेट रखना होगा। रिकार्ड में विद्यार्थियों के मोबाइल नम्बर से लेकर वर्तमान पता की भी जानकारी होगी, जिससे वे विद्यार्थियों के संबंध में यह जानकारी लगाई जा सके कि वे वर्तमान में क्या कर रहे हैं। अगर कालेजों में जॉब फेयर लगाया जा रहा है तो विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। वहीं विद्यार्थियों को नौकरी अथवा रोजगार दिलाने में कालेज का प्लेसमेंट सेल मदद करेगा। सभी कालेजों में प्लेसमेंट सेल गठत करना अनिवार्य किया गया है, जो औद्योगिक घरानों और कंपनियों से संपर्क कर विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने में मदद करेंगे।


पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है। सांख्यकी तैयार होने सरकार को अपनी तमाम तरह की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। सांख्यकी बनाने का काम कालेजों को दिया गया है।

वेद प्रकाश, अपर आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग

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दीपेश तिवारी
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