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मध्यप्रदेश सरकार को बड़ा झटका! 4 महिला अध्यापकों के मुंडन का खर्च 1.40 लाख

BHOPAL में पिछले दिनों सरकार के प्रति नाराजगी प्रदर्शित (PROTEST) करने शिक्षकों ने जंबूरी मैदान में प्रदर्शन किया था...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 16 Jan 2018, 4:29 PM IST

teachers protest

भोपाल। सामान्यत: तो मुंडन कार्य चंद रुपयों में हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिक्षकों के विरोध MP Samvida Shikshak Andolan Protest के दौरान मुंडन कार्य लाखों का पड़ा, और ये मुंडन का पैसा उन 4 महिला शिक्षकों का है, जिन्होंने यहां मुंडन कराया। जी हां, यह सुनकर आप भी चौंक गए होंगे कि मुंडन कार्य वो भी लाखों में...

दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी BHOPAL में पिछले दिनों सरकार के प्रति नाराजगी प्रदर्शित (PROTEST) करने शिक्षकों ने जंबूरी मैदान में प्रदर्शन किया था, जहां विरोध के चलते लोगों ने नाराजगी में अपना मुंडन तक कराया था।

लाखों की हुई वसूली...
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री की वादाखिलाफी से नाराज 4 महिला अध्यापकों ने भोपाल के JAMBURI MAIDAN में सिर मुंडवाकर विरोध प्रदर्शित किया था। इसके लिए BHEL ने उनसे 1.40 लाख वसूले हैं।

जिसकी बकायदा रसीदें भी दी गईं। इस मैदान में चार महिला शिक्षकों ने मुंडन कराया था, इस हिसाब से किराया लिया गया 1.40 लाख/4 महिला शिक्षक इस हिसाब से हर महिला शिक्षक का मुंडन कार्य 35 हजार का पड़ा।
बता दें कि सरकार अपने खाली पड़े मैदानों को मेला इत्यादि व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किराए पर देती है। इसके बदले शुल्क लिया जाता है, मध्यप्रदेश में विरोध प्रदर्शन करने वालों से भी इसी दर से शुल्क वसूला जा रहा है।

आजाद अध्यापक संघ AZAD ADHYAPAK SANGH ने शनिवार को जम्बूरी मैदान में प्रदर्शन किया था और इस दौरान महिला अध्यापकों सहित अन्य ने मुंडन कराया था। संगठन को जम्बूरी मैदान का किराया भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) को चुकाना पड़ा।

एक लाख 40 हजार रुपए भुगतान के बावत पूछे जाने पर भेल के जनसंपर्क अधिकारी विनोदानंद झा ने कहा, "जम्बूरी मैदान में कोई भी कार्यक्रम करने की फीस निर्धारित है, जिसका भुगतान करना होता है। आजाद अध्यापक संघ ने भी उतनी राशि का भुगतान किया होगा।"

वहीं जानकारों का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार के प्रति नाराजगी प्रकट करना किसी भी नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। आजादी की लड़ाई इसीलिए लड़ी गई थी। अंग्रेजी सरकार विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देती थी। भोपाल जिला प्रशासन ने भी अध्यापकों को विरोध प्रदर्शित करने के लिए कोई स्थान ही नहीं दिया था। बाद में भेल का जम्बूरी मैदान जाने के लिए कहा गया। अब पता चला है कि उनसे एक लाख 40 हजार रुपए वसूले गए।