इस साल भी स्कूलों में देनी पड़ेगी ज्यादा फीस, जानें क्यों...

 इस साल भी स्कूलों में देनी पड़ेगी ज्यादा फीस, जानें क्यों...
school fees

नए शिक्षा सत्र में भी फीस नियंत्रण एक्ट आना मुश्किल, अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार पर लागू नहीं कर रहा शिक्षा विभाग 

भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमाने ढंग से ली जा रही फीस इस साल भी अभिभावकों को देनी पड़ेगी। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार ने जो घोषणा पिछले साल की थी, उसे अमल में इस साल लाना मुश्किल लग रहा है। सरकार फीस नियंत्रण अधिनियम तैयार नहीं कर सकी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर अधिनियम बनने के कारण सरकार अब इसका प्रारूप कोर्ट में पेश करना चाहती है। इसके बाद ही अधिनियम को लागू किया जाएगा। इससे इस शिक्षा सत्र में भी इस अधिनियम के प्रभावी होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। 

वर्तमान में प्रदेश में निजी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों के लिए फीस व अन्य मनमानी को रोकने के लिए कोई नियम नहीं है। इसलिए फीस नियंत्रण अधिनियम लागू करना तय किया गया था। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में रायशुमारी कराई। 

सीधी बात
दीपक जोशी, राज्यमंत्री, स्कूल शिक्षा

deepak joshi

सवाल :  क्या फीस नियंत्रण अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार हो गया है? 
जवाब:  हां अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। 
सवाल :  कब तक लागू हो पाएगा?
जवाब : हाईकोर्ट के निर्देशन में बनाया गया है। इसे पहले कोर्ट में रखेंगे।
सवाल:  कोर्ट में ड्राफ्ट देंगे तो क्या इस शिक्षा सत्र में लागू हो सकेगा? 
जवाब :  हमारी कोशिश है कि इसी शिक्षा सत्र में लागू कर दें।
सवाल:  ड्राफ्ट में किस तरह के प्रावधान किए गए हैं?
जवाब :  ड्राफ्ट में निजी स्कूल व कोचिंग की मनमानी रोकने के प्रावधान हैं। इनमें उल्लंघन पर जुर्माना तक हो सकेगा।
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