भोपाल

फिटनेस के लिए मड एक्सरसाइज का ट्रेंड, यह स्टेमिना को बढ़ाती है

बारिश का सीजन में फिटनेस लवर्स ने वर्कआउट प्लान में किया बदलाव

भोपालJul 27, 2021 / 12:16 am

hitesh sharma

यह वर्कआउट भी कठिन होता है और इसमें बैलेंसिंग ज्यादा करना होती है जो प्रोफेशनल खिलाड़ी होते हैं वे ऑफ सीजन यानी बारिश में फुटबॉल, रनिंग करते हैं

भोपाल। बारिश का सीजन शुरू होते ही फिटनेस लवर्स अपनी वर्कआउट प्लाङ्क्षनग में बदलाव करने लगते हैं। इस सीजन में जब हल्के ठंडे मौसम में वर्कआउट करते हैं तो एनर्जी लो नहीं होती। ऐसे में ज्यादा समय तक वर्कआउट और रनिंग कर सकते हैं। फिटेनस लवर्स का कहना है कि बारिश में साइकिलिंग, हाईएंटेसिटी वर्कऑउट और रनिंग करने से फैट बर्निंग में मदद मिलती है। यह समय अपनी बॉडी को रिस्टोर करने के लिए होता है।


ट्रेनर जी. सतीश कुमार के अनुसार बारिश के दौरान फिटनेस लवर्स अपनी एक्सरसाइज में बदलाव कर रहे हैं। जिसमें सबसे बड़ा फायदा मड में एक्सरसाइज करने से होता है। सामान्य रूप से रनिंग और एक्सरसाइज करने से जमीन पर पैर खिंचता नहीं है। वहीं, मिट्टी में एक्सरसाइज करने से काफी ताकत लगानी होती है। पैर में ज्यादा खिंचाव होता है। यह वर्कआउट भी कठिन होता है और इसमें बैलेंसिंग ज्यादा करना होती है जो प्रोफेशनल खिलाड़ी होते हैं वे ऑफ सीजन यानी बारिश में फुटबॉल, रनिंग करते हैं। वैसे भी फिटनेस के लिए हर नेचर का अपना अलग फायदा होता है। इसलिए बारिश में एक्सरसाइज करने से इसका बॉडी पर ज्यादा बेहतर प्रभाव पड़ता है। इन दिनों मड एक्सरसाइज का ट्रेंड तेजी से पॉपुलर हो रहा है।

बॉडी को रिस्टोर करने है समय
सतीश के अनुसार एक्सरसाइज करने के बाद कपड़े जरूर बदलें और अपनी बॉडी को अच्छे से साफ करें। इससे इम्यूनिटी पॉवर भी स्ट्रॉन्ग होती है जो कोरोना काल में हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। इससे और मसल्स गेन करने में मदद मिलती है। बारिश का समय हमारी बॉडी को रिस्टोर करने के लिए होता है। इसलिए कार्डियो के साथ-साथ फिटनेस लवर्स को पानी का इंटेक बढ़ाना चाहिए। इससे स्टेमिना सालभर के लिए बना रहता है। डाइट चार्ट को भी इसी हिसाब से तय करें।


मसल्स खुल जाती हैं
क्रिकेटर दीपिका शाक्या ने बताया कि कलियासोत डैम के आसपास मिट्टी होती है इसलिए वहां एक्सरसाइज करती हूं। इससे जाम मसल्स खुल जाती हैं जो कि घास के मैदान में दौड़ने ने नहीं खुल पाती है। इससे फिटनेस लेवल बढ़ता है और स्पीड में भी बढ़ोतरी होती है। यहां स्प्रिंट लगाने से हॉर्डनेस फिल होती है।

 

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