मल्टीप्लेक्स को 5 करोड़ रुपए तक का प्रोत्साहन

मल्टीप्लेक्स को 5 करोड़ रुपए तक का प्रोत्साहन
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Harish Divekar | Updated: 12 Oct 2019, 05:00:00 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

- सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने नई नीति का प्रस्ताव तैयार
- मैग्रिफिशिएंट मध्यप्रदेश से पहले कैबिनेट में आएगी नीति
- युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने नेस्कॉम से होगा एमओयू
- युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने पर होगा फोकस

हरीश दिवेकर

मध्यप्रदेश में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई नीति ला रही है।

प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश में मल्टीप्लेक्स में निवेश करने वालों को भूमि छोड़कर किए गए निवेश पर अधिकतम 5 करोड़ रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसका फायदा सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों को छोड़कर अन्य सर्विस सेक्टर को भी मिल सकेगा। उधोग विभाग जल्द ही कैबिनेट में इसका प्रस्तावित नीति लाएगी।

इसके साथ प्रदेश के युवाओं को जॉब सीकर की जगह जॉब क्रिएटर बनाने स्टार्टअप पॉलिसी बेहतर बनाई जाएगी।

इसके लिए आईटी विभाग नेस्कॉम से तीन साल का एमओयू करने जा रहा है।
मध्यप्रदेश में 10 लाख की आबादी पर 1 मल्टीप्लेक्स है।

जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 7 है। वहीं इतनी ही आबादी पर आन्ध्रा में 17 और तमिलनाडू में 21 मल्टीप्लेक्स संचालित हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से 26 सितंबर गुरुवार को फेडरेशन ऑफ चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री (फिक्की) के साथ मल्टीप्लेक्स व सिनेमा व्यवसाय से जुड़े उद्योगपतियों ने मुलाकात की थी।

उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि मल्टीप्लेक्स जैसे सर्विस सेक्टर को उधोग विभाग के साथ जोड़ा जाता है तो प्रदेश में कम निवेश में अधिक रोजगार देने वाली सर्विस सेक्टर में बूम आएगा।

फिक्की के सुझाव पर ही सरकार यह निर्णय लेने जा रही है।

डिजिटल क्रांति लाने की तैयारी
मध्यप्रदेश में डिजिटल क्रांति लाने के लिए राज्य सरकार नेशनल एसोसिएशन आफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नेस्कॉम) के साथ 3 साल का एमओयू करेगी।

नेस्कॉम के विशेषज्ञ आइटी विभाग को सुझाव देंगे कि मध्यप्रदेश को डिजिटल बनाने की दिशा में कौन से महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे।

इस पर सरकार का दो से तीन करोड़ रुपए खर्च होगे।

इन सेवा क्षेत्रों में निवेश पर मिलेगा लाभ
बैकिंग क्षेत्र, बीमा कंपनी, पर्यटन, होटल्स, जोमैटो, स्विगी और उबेर जैसी ऑनलाइन फूड सर्विस देने वाली फर्म, लीगल सर्विस, कंसल्टेंसी, रियल स्टेट सर्विस, कम्यूनिटी एंड पर्सनल सर्विस, सोशल सर्विस, अनुसंधान एवं विस्तार, एकांउटिंग सर्विस सहित आदि सर्विस सेक्टर शामिल हैं।

सरकार इन्हें पूंजीगत निवेश का 10 से 15 प्रतिशत तक अनुदान देगी। जो कि 5 करोड़ से अधिक नहीं होगा।

इसके अलावा इन्हें औधोगिक क्षेत्र में जमीन भी मिल सकेगी।

दरअसल सरकार का मानना है कि सर्विस सेक्टर में 25 से 100 करोड़ रुपए तक निवेश करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने से स्थानीय लोगों को अच्छा खासा रोजगार मिल सकेगा।

सायबर अपराध पर अंकुश
प्रदेश मे डिजिटल क्रांति लाने के साथ सायबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में भी नेस्कॉम राज्य सरकार को नई-नई तकनीक की जानकारी भी देगा।

जिससे आम जन तकनीकी जानकारी के अभाव में ठगे नहीं जाएं।

प्रदेश की प्रतिभा को प्लेटफार्म
राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरु करने में स्टार्टअप की भूमिका को अहम बनाया जाए।

नेस्कॉम स्टार्टअप में नवाचार और बेहतर पॉलिसी बनाने के आइडिया देगा।

इससे प्रदेश में नवोदित उद्यमियों को नई दिशा मिलेगी।

इसका सबसे बड़ा लाभ होगा कि प्रदेश के युवा जॉब सीकर नहीं होकर जॉब क्रिएटर की भूमिका में नजर आएंगे। स्टार्टअप को बैंक लोन से लेकर फंङ्क्षडग तक की सुविधा पॉलिसी में शामिल की जाएगी।
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सरकारी काम-काज को सरल बनाना
सरकारी काम-काज की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग कैसे किया जाए। इस संबंध मे नेस्कॉम के विशेषज्ञ सुझाव देंगे।

इससे कम समय में आमजन को सरकारी सुविधाओं का लाभ तो मिलेगा ही साथ में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ पारदर्शिता भी आएगी।

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