कचरे से भी रकम बना रहे नगर निगम के कर्मचारी

- नगर निगम कर्मचारी कचरे से कबाड़ बेचने के बाद बचा-खुचा कचरा बिन में डाल देते

भोपाल. नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी कमाई के लिए सफाई व्यवस्था को पलीता लगा रहे हैं। इस चक्कर में सफाईकर्मियों ने शह देकर सरकारी जमीन पर कबाड़ी की दुकान लगवाई है, जहां रोजाना कचरा उठाकर लाने वाली गाडिय़ां आकर रुकती हैं। सफाईकर्मी कचरे को ट्रांसफर स्टेशन पर नहीं ले जाकर, कचरे से निकालकर काफी कबाड़ यहां बेच देते हैं। इससे यहां पर सफाई की जगह गंदगी बढ़ रही है और अनजान तत्वों का जमावड़ा भी हो रहा है।


भोपाल स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन ने शहर को स्वच्छ रखने के लिए 100 लोकेशंस पर 130 स्मार्ट बिन 13.50 करोड़ रुपए की लागत से लगाए गए थे। इनमें से अधिकांश स्मार्ट बिन बंद या खराब पड़े हैं। कचरा बाहर पटका जा रहा है। स्मार्ट बिन के प्रोजेक्ट को नगर निगम के सफाईकर्मी ही सफल नहीं होने दे रहे। वे कॉलोनियों से इक_ा कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर देकर आदमपुर खंती भेजने की जगह स्मार्ट बिन पर ही पटक देते थे। इससे हालात और भी खराब हो गए थे।

 

पत्रिका एक्सपोज ने यह मामला उठाया, जिसपर अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए स्मार्ट बिन से नियमित कचरा उठवाने के निर्देश दिए। फिर भी हालात सामान्य नहीं हो पा रहे। इसका प्रमुख कारण नगर निगम कर्मचारियों द्वारा कचरे से नोट छापने का धंधा अख्तियार किया जाना है।

पत्रिका संवाददाता ने श्वेता कॉम्पलेक्स से त्रिलंगा पहाड़ी की ओर जाने वाली सड़क पर पार्क के पास बने स्मार्ट बिन के पास कचरे से कबाड़ निकालकर बेचते हुए कैमरे में कैद किया। सूत्रों ने बताया कि अधिकांश नगर निगम सफाई कर्मचारी कचरे से पैसा बनाने के काम में लगे हैं। कॉलोनियों से निकले कचरे को बेचने के बाद बचा हुआ कचरा स्मार्ट बिन पर फेंक देते हैं, जबकि पूरा कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर ले जाया जाना चाहिए।


इस तरह कचरा बेचना अवैध है। इसकी जांच करवाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश राठौड, अपर आयुक्त, नगर निगम

 

दिनेश भदौरिया
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