इस रोग के कारण पति से रहती थी दूर, जिस रात सोई उसी रात कर दी हत्या

इस रोग के कारण पति से रहती थी दूर, जिस रात सोई उसी रात कर दी हत्या

Yogendra Kumar Sen | Publish: Mar, 14 2018 10:19:07 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

नीरज हत्याकांड का पुलिस ने किया पर्दाफाश, गर्भवती पत्नी ने ही की थी हत्या, पति गले पर हाथ रखकर सोया था, इसलिए रातभर जागती रही मौका मिलते ही फर्सा निका

भोपाल। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (आईआईएफएम) के ऑफिस ब्वॉय नीरज मेवाड़ा हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे बाद पर्दाफाश कर दिया है। नीरज की हत्या उसकी गर्भवती पत्नी नीतू मेवाड़ा ने ही की थी। नीतू ने पूछताछ में पति की हत्या कबूलते हुए बताया कि परिवार वालों ने मेरी पसंद की शादी नहीं की थी। ससुराल आने पर पता चला कि नीरज को चर्म रोग है, ऐसे में दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। नीरज उसके चरित्र पर शंका भी करता था। इस कारण उसने उसे मौत के घाट उतारने की साजिश रची। रविवार तड़के करीब पांच बजे उसके गले पर फर्से से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद अंजान बनकर घरेलू काम में जुट गई। मालूम हो कि रविवार सुबह ईंटखेड़ी छाप निवासी नीरज का लहूलुहान शव उसके कमरे में मिला था। नीतू सात माह की गर्भवती है।

तकिए के नीचे फर्सा छिपा रातभर जागती रही

नीतू ने रविवार शाम को ही पति की हत्या करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। इसके लिए घर में रखे फर्सा को उसने अपने बिस्तर में तकिए के नीचे छिपा दिया था। रात में खाना खाने के बाद पति जैसे ही बिस्तर पर आया वह भी बिस्तर पर पड़ गई। इसके बाद वह रातभर जागती रही। तड़के मौका मिलते ही हत्या कर दी।

हथियार चलाने सोते पति की करवट बदलवाई
पति की हत्या करने नीतू रातभर जग कर पति की पोजीशन देखती रही। नीरज गले पर हाथ रखकर सोता था। ऐसे में हमला करने में हाथ आड़े आ रहा था। इसी बीच तड़के करीब पौने पांच बजे नीतू ने सोते हुए पति की दाहिने तरफ करवट बदलवाई, फिर उसके गले पर हमला कर दिया। निशाना चूकने की वजह से फर्सा पहले हाथ पर लगा। वह चीखता इससे पहले ही नीतू ने गले पर ताबड़तोड़ आधा दर्जन से अधिक वार कर दिए। इसके बाद फर्सा को धोकर छिपा दिया।

पुलिस को भरोसा नहीं हो रहा था कि अकेले की होगी हत्या, री-क्रिएशन में नीतू ने हत्या कर दिखाया। हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एएसपी समीर यादव ने बताया पुलिस को भरोसा नहीं हो रहा था कि नीतू ने अकेले हत्या की होगी। इसका उसने फायदा भी उठाया। उसने गांव के दर्जनों लोगों का हत्या में नाम लिया। पुलिस उसके बताए नाम के लोगों को उठाकर पूछताछ करती रही, लेकिन किसी ने हत्या नहीं कबूली। फिर पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वह टूट गई और जुर्म कबूल लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे घटनास्थल पर ले जाकर री-क्रिएशन कराया। जहां उसने नीरज के पुतले पर ताबड़तोड़ फर्शा चलाकर दिखाया।

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