किसानों की आय दोगुनी करने साथी तैयार करेगा नेफेड

मध्य प्रदेश साथी परियोजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा
व्यावहारिक हो योजना का स्वरूप
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिसौदिया ने परियोजना संबंधी बैठक ली

By: Ashok gautam

Updated: 04 Oct 2021, 09:15 PM IST

भोपाल। प्रदेश के पांच के दस विकास खंडों में जल्द ही 'साथी (सस्टेनेबल एग्रिकल्चर थू्र होलिस्टिक इन्टीग्रेशन) परियोजना Ó पाइलेट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी। इसके लिए नोडल एजेंसी नाफेड को निर्देश को विस्तृत कार्य-योजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजने के लिए कहा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया सोमवार को साथी योजना को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। सिसोदिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को व्यवहारिक स्वरूप दिया जाए, जिससे इसका अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिले।
'साथी Ó योजना के 5 घटक साथी कृषक समूह, साथी प्र-संस्करण केन्द्र, साथी उद्योग, साथी बाजार तथा कॉमन फेसिलिटी सेंटर होंगे।

गांवों में एक समान उत्पादन करने वाले किसानों के समूह बनाए जाएंगे। उत्पादों के भंडारण एवं प्राथमिक मूल्य संवर्धन का कार्य पंचायत स्तर पर साथी प्र-संस्करण केन्द्र करेंगे। विकास खण्ड स्तर पर स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योग लगाए जाएंगे। विपणन के लिए विकासखण्ड स्तर पर साथी बाजार बनाए जाएंगे। उत्पादों के प्र-संस्करण, पैकेजिंग, अनुसंधान, प्रशिक्षण आदि के लिए संभाग स्तर पर कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे।


26 जिलों के 100 विकासखण्डों के लिए योजना

योजना संबंधी प्रस्तुतिकरण में नाफेड के श्री मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम चरण में यह योजना प्रदेश के 26 जिलों गुना, सतना, अशोकनगर, ग्वालियर, रीवा, मुरैना, अलीराजपुर, बालाघाट, बड़वानी, छतरपुर, धार, पन्ना, राजगढ़, श्योपुर, शहडोल, शिवपुरी, टीकमगढ़, झाबुआ, सीहोर, कटनी, रायसेन, अनूपपुर, सिवनी, देवास, उमरिया सहित दमोह के 100 विकासखण्डों के लिए बनाई गई है। योजना के अंतर्गत 100 साथी बाजार, 7319 वेअर हाउस, 2133 कोल्ड स्टोरेज, 405 ग्रेडिंग यूनिट तथा 2126 कृषि उत्पाद प्र-संस्करण इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। इन पर लगभग 3 हजार 380 करोड़ रूपये का अनुमानित व्यय होगा।

आधुनिक रिटेल आउटलेट
विकासखण्ड स्तर पर स्थापित किए जाने वाले साथी बाजार आधुनिक रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें 4 हजार वर्ग फीट पर बनाया जाएगा। इनमें वेअर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, ट्रेनिंग सेंटर, होस्टल, दुकानें, बैंक, फूड कोर्ट, डेयरी, गेम जोन आदि बनाए जाएंगे।

Ashok gautam
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