सिद्धू के एक मुक्के ने ले ली थी बुजुर्ग की जान, MP से है ये पुराना नाता

क्रिकेट हो या राजनीति का मैदान, हर पल हंसमुख अंदाज में लोगों के सामने आने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति में अपनी नई पारी शुरू कर दी। इस बार वे कांग्रेस के साथ हैं।

भोपाल/इंदौर। क्रिकेट हो या राजनीति का मैदान, हर पल हंसमुख अंदाज में लोगों के सामने आने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने राजनीति में अपनी नई पारी शुरू कर दी। इस बार वे कांग्रेस के साथ हैं। mp.patrika.com आपको बताने जा रहा है सिद्धू के जीवन में भी ऐसा मोड़ आया था जब वे दुख के भंवर में घिर गए थे। एक बुजुर्ग की हत्या के आरोप में उन्हें जेल तक जाना पड़ा था। संसद की सदस्यता भी छोड़नी पड़ी थी।


सिद्धू ने कर दिया था मर्डर
बात 1988 की है जब पटियाला के शेरांवाला गेट चौराहे पर सिद्ध अपने दोस्त भूपेंदर संधू के साथ पार्किंग में गाड़ी लेकर पहुंचे थे। उसी दौरान वहां मौजूद गुरुनाम सिंह नामक बुजुर्ग से उनका विवाद हो गया। बात इतनी बड़ी की सिद्धू ने बुजुर्ग को ऐसा मुक्का जड़ा कि उसकी मौत ही हो गई थी। सिद्धू और उनके दोस्त पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई थी और उनके खिलाफ सबूत नहीं मिलने के कारण उनका केस खारिज कर दिया गया था।


3 साल की सजा हुई, जेल भी गए
पुलिस ने उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। 2006 में निचली अदालत ने सिद्धू को दोषी करार दिया था। उन्हें तीन साल की कैद और एक लाख का जुर्माने की सजा हुई थी। सिद्धू को कई दिन जेल में भी बिताने पड़े थे। सिद्धू का कहना था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।


बिदासरिया ट्राफी में आ चुके हैं सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू का चयन 1987 में विश्वकप क्रिकेट के लिए हुआ था। इसके बाद वे मध्यप्रदेश के इंदौर आए तो उस दौर में रंजी ट्रॉफी के साथ ही बिदासरिया ट्रॉफी का काफी क्रेज था। यह मैच इंदौर के इलेक्ट्रानिक कांपलेक्स के पास स्थित आईटीआई ग्राउंड पर हुआ करते थे। तब विश्वकप के इस भारतीय खिलाड़ी को इंदौरवासियों ने हाथों हाथ लिया था।

इंदौर से जाने के बाद हुई थी घटना
हंसमुख हरफनमौला नवजोत सिंह सिद्धू 1987-88 के दौर में इंदौर आए थे तो उन्होंने खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया था। उन्होंने इंदौर के लोगों को खेल की बारीकियां भी बताई थीं। इसके बाद जब वे गए तो कुछ समय बाद ही पटियाला में उनके मर्डर केस में फंस जाने की खबरे आई तो इंदौर का खेल जगत अवाक रह गया था।

इंदौर समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों में लोगों ने मंदिर और गुरुद्वारों में प्रार्थना की थी। कई लोगों ने अपने चहेते क्रिकेट स्टार की रिहाई के लिए सरकार तक को पत्र भी लिखे थे।

हर साल आते थे यह खिलाड़ी
उस दौर में क्रिकेट स्टार संदीप पाटिल, यशपाल शर्मा, सुरू नायक, अंशुमन गायकवाड़, अशोक पटेल, सैयद किरमानी, चंद्रकांत पंडित, संजय मांजरेकर आदि खिलाड़ी इंदौर के इस ग्राउंड पर खेलते थे। यह खिलाड़ी हर साल आयोजित होने वाली इस ट्रॉफी के लिए आते थे।


ऐसा है सिद्धू का सफर
1. 20 अक्टूबर 1963 को पंजाब राज्य के पटियाला में जन्म।
2. नवजोत के पिता भगवंत सिंह सिद्धू भी अच्छे क्रिकेटर थे।
3.पटियाला के यदिवेंद्र स्कूल से शुरुआती पढ़ाई और चंडीगढ़ के मोहिंद्रा कालेज से ग्रेजुएशन।
4. पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई।
5. सिद्धू साल 1983 से 1999 तक इंडियन क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रहे।
6. 1987 में क्रिकेट विश्वकप के लिए चयनित हुए थे।
7. टीम इंडिया के लिए 51 टेस्ट और 136 वनडे मुकाबले खेले।
7. क्रिकेट से संन्यास के बाद 2004 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे और अमृतसर से सांसद बने।


Brajendra Sarvariya
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned