शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा, ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा के लिये नये अध्ययन केन्द्र

- प्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
- आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश को मिलेगा बल
- 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
- भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों के साथ किया अनुबंध

By: Hitendra Sharma

Published: 17 Feb 2021, 09:17 AM IST

भोपाल. कोरोना कोल के बाद दुनिया में नित नये प्रयोग हो रहे हैं सबसे ज्यादा प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में हुए है जहां ऑन लाइन स्टडी ने बच्चों से लेकर बड़ों तक को नई राह दिखाई है। पिछले एक साल के अनुभव के आधार पर प्रदेस के विश्व विद्यालय भी ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसी प्रयोग को सफल बनाने मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्व विद्यालय ने प्रदेश के कोलोजों के साथ अनुबंध कर अध्ययन केंद्र बनाये हैं। जिनसे विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी में सुविधा होगी।

भोज मुक्त विश्वविद्यालय 134 नये अध्ययन केन्द्र खोलने जा रहा है, जो आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इन केन्द्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव मिन्टो हॉल, भोपाल में मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय एवं शासकीय महाविद्यालयों के अनुबंध समारोह में शामिल हुए।

ऑडियो-वीडियो की महत्वपूर्ण भूमिका
भोज विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ. जयंत सोनवलकर ने बताया कि भोज मुक्त विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपने अभिनव प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा के लिये नये-नये प्रयोग करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में भोज मुक्त विश्वविद्यालय के ऑडियो-वीडियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

2 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. एस.एल. सोलंकी ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा पद्धति से 'आपकी शिक्षा-आपके द्वार' के तहत 277 अध्ययन केन्द्रों से विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही थी। अब 134 नये अध्ययन केन्द्र खुल जाने से 411 अध्ययन केन्द्रों द्वारा 2 लाख से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ ले सकेंगे

 

150605066_1943999479081977_1792356300626553525_n_1.jpg

नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज को हर क्षेत्र का ज्ञान था। इसे ध्यान में रखकर भोज मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना की गई । यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सकल पंजीयन अनुपात को बढ़ाने में गंभीरता से निर्वहन करेगा। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मंत्री डॉ. यादव ने रामचरित मानस से सामाजिक विकास पाठ्यक्रम एवं भोज कैलेण्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में 134 नये अध्ययन केन्द्र खोले जाने के लिये भोज मुक्त विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के अनुबंध-पत्र आदान-प्रदान किये गये।

Show More
Hitendra Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned