MP में अब ऐसे होगा सरकारी योजनाओं का प्रचार! बताया जा रहा MHRD का टास्क

MP में अब ऐसे होगा सरकारी योजनाओं का प्रचार!,बताया जा रहा MHRD का टास्क...

By: दीपेश तिवारी

Published: 05 Jun 2018, 01:57 PM IST

भोपाल। भारत के दिल यानि मध्यप्रदेश में वैसे तो सरकार के मंत्री विधायक सभी यात्राएं निकालकर जनता में सरकार की योजनाओं में फैलाने का कार्य कर चुके हैं। लेकिन अब ये योजनाएं दूर गांवों तक ले जाने के लिए एक नया ही तरीका ढ़ूंढ़ा गया है। जिसके तहत अब कॉलेज स्टूडेंट्स इन योजनाओं का प्रचार करेंगे।

वैसे तो प्रदेश में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए एक विशेष विभाग गठित है। जिसका नाम है डीएवीपी, यह भारत सरकार का विभाग है। इसके अलावा मप्र में जनसंपर्क संचालनालय और 'माध्यम' सहित इसके जैसी कुछ अन्य एजेंसियां भी हैं।

इसके बावजूद प्रदेश में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स को लगाया जा रहा है। सामने आ रही जानकारी के अनुसार राजीव गांधी प्रफेशनल यूनिवर्सिटी के इंजिनियरिंग छात्रों को इसके लिए टारगेट तक दे दिया गया है।

अच्छे ग्रेड का वादा!
जिसके तहत वह गांव-गांव जाकर सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी तो देंगे ही साथ ही उनसे इसका फीडबैक भी लेंगे। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में खास बात ये भी सामने आ रही है कि यदि वो यानि छात्र सरकारी योजनाओं का प्रचार करते हैं तो उन्हें परीक्षा में अच्छे ग्रेड का वादा भी किया गया है। फिर चाहे वो इंजीनियरिंग सीख पाए या नहीं।

छात्रों को यह टास्क एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) के उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत दिया गया है। छात्रों से कहा गया है कि वह पांच गावों में जाएंगे और वहां से राष्ट्रीय योजनाओं पर सूचनाएं इक्ट्ठी करेंगे। जिसके बाद उनके बनाए गए डेटाबेस को भारत सरकार में भेजा जाएगा।

सर्वे के लिए लिस्ट...
मध्य प्रदेश के सारे इंजिनियरिंग कॉलेजों की राजीव गांधी प्रफेशनल यूनिवर्सिटी (आरजीपीवी) से ही संबद्धता है। सूत्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी ने सर्वे के लिए 100 छात्रों की लिस्ट बनाई है। छात्रों को एक फॉर्म दिया जाएगा। इस फॉर्म में छात्र को उस परिवार का संपूर्ण विवरण भरना होगा, जहां वे जाएंगे।

वहीं सूत्रों का कहना है कि आरजीपीवी से आ रही सूचनाओं में बताया जा रहा है कि छात्र अपनी स्वेच्छा से सर्वे करने के लिए तैयार हुए हैं। यह सर्वे 11 जून से 15 जून के बीच होगा। जिसमें ये 100 छात्र 700 ग्रामीण इलाके के परिवारों में जाएंगे। छात्र जिस परिवार में जाएंगे उनसे उनकी जाति, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डीटेल, वैवाहिक स्थिति, मनरेगा के काम संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।


इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना और जीवन ज्योति योजनाओं सहित 17 योजनाएं के बारे में उनसे सवाल किया जाएगा।

छात्रों में नाराजगी!
वहीं सूत्रों के अनुसार इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद अधिकांश छात्रों ने इस फैसले का विरोध किया। छात्रों का कहना है कि वे इंजिनियरिंग के छात्र हैं, कोई सर्वे करने वाले नहीं हैं।

उन्होंने इंजिनियरिंग पढ़ने के लिए कॉलेज में प्रवेश लिया था न कि घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने के लिए। वे लोग कोई सरकारी कर्मचारी नहीं हैं जो उनसे सर्वे कराया जा रहा है।

वहीं सूत्रों की माने तो सर्वे में लगाए गए छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें यह वादा किया गया है कि अगर उन लोगों ने सर्वे का काम किया तो परीक्षाओं में उन्हें इसका फायदा मिलेगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि छात्रो के मुताबिक सर्वे का काम पूरा करने पर उन्हें परीक्षा में अच्छे ग्रेड दिए जाने का भरोसा दिया गया है। हालांकि छात्रों की इस बात को यूनिवर्सिटी ने नकार दिया है। वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी का भी मानना है कि इस तरीके से गांववालों और उनकी समस्याओं को समझने का अच्छा मौेका मिलेगा।

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दीपेश तिवारी
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