बस स्टॉप के पास मिली नवजात शिशु की लाश, सूचना के बाद घंटों नहीं पहुंची पुलिस

बस स्टॉप के पास मिली नवजात शिशु की लाश, सूचना के बाद घंटों नहीं पहुंची पुलिस

KRISHNAKANT SHUKLA | Updated: 16 Oct 2018, 12:57:20 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

बस स्टॉप के पास मिली नवजात शिशु की लाश, सूचना के बाद घंटों नहीं पहुंची पुलिस

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लावारिस नवजात शिशु के मिलने की खबर हर दिन सुर्खियों में है। मंगलवार को हबीबगंज थाना क्षेत्र के 12 नंबर बस स्टॉप के पास एक नवजात शिशु की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। राहगीरों ने इसकी सूचना जब हबीबगंज थाना पुलिस को दी तो कई घंटों तक घटनास्थल पर पुलिस नहीं पहुंची।

इसके पहले भी प्रदेश के कई जिलों मृत नवजात शिशु के मामले सामने आ चुके है फिर भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नवजात शिशु के मामले पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 315 से लेकर 318 तक अलग-अलग श्रेणियों में अपराध माना गया है। ऐसे मामलों में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। फिर प्रशासन ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही।

जानकारों का कहना है कि प्रदेश में नवजात शिशुओं को क्रुरता से फेंकने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। जिले सहित प्रदेशभर में इस तरह के दर्जनों मामले हाल ही के कुछ महीनें में हुए है। इस तरह मातृत्व की इस संवेदनहीनता पर जिम्मेदार पदों पर बैठी मातृ शक्ति ने अपनी पीड़ा जाहिर कर इसे निंदनीय और दंडनीय करार दिया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष का कहना है कि इस कृत्य पर सख्त सजा होना चाहिए। जिससे समाज में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नवजात को फेंकने से पहले ऐसी मां ने पहले अपने मातृत्व की तरफ एक बार मुड़ कर जरूर देखना चाहिए।

मिलनी चाहिए सजा
सामाजिक संगठनों का कहना है अस्पताल में प्रसव होने के बाद बच्चे की जानकारी स्वास्थ्य विभाग नहीं करती है। कई बार प्राइवेट अस्पतालों में भ्रुण हत्या के भी मामले सामने आए है। स्वास्थ्य विभाग के सख्य कानून के बाद भी कई अस्पतालों में भ्रुण की जांच आज भी किए जा रहे है।

एनजीओं का कहना है कि कानून की परिभाषा में यह चाहे जिस दायरे में आए लेकिन मानवीयता और खासकर मातृत्व के लिए तो यह बहुत निंदनीय है और दंडनीय अपराध होना चाहिए। ऐसे कृत्य करने वालों को सजा दी जाना चाहिए। इसके पहले भोपाल के मिसरोद में भी नवजात बच्चे को नाले के किनारे झाडियों में फेंकने का मामला सामने आ चुका है।

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