भाजपा के दिग्गजों को पसंद है ये सीट, आडवाणी के कहने पर यहां से चुनाव लड़े थे अटल बिहारी वाजपेयी

भाजपा के दिग्गजों को पसंद है ये सीट, आडवाणी के कहने पर यहां से चुनाव लड़े थे अटल बिहारी वाजपेयी

Pawan Tiwari | Publish: Apr, 15 2019 12:53:18 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

भाजपा के दिग्गजों को पसंद है ये सीट, आडवाणी के कहने पर यहां से चुनाव लड़े थे अटल बिहारी वाजपेयी

भोपाल. विदिशा संसदीय सीट को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। विदिशा सीट प्रदेश ही नहीं देश की हाईप्रोफाइल सीटों में से एक है। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से मोदी सरकार की कैबिनेट मंत्री सुषमा स्वराज ने जीत दर्ज की थी। इस सीट से सुषमा की ये दूसरी जीत थी। सुषमा स्वराज इससे पहले 2009 में यहां से चुनाव जीत चुकीं थी। इस बार उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। उनके इंकार के बाद अब बीजेपी सुषमा स्वराज का विदिशा में विकल्प खोज रही है।

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अभी तक मध्यप्रदेश के 24 उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। लेकिन मध्यप्रदेश की हॉट सीटों को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। विदिशा बीजेपी की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक मानी जाती है। कांग्रेस इस सीट पर हमेशा से ही कमजोर रही है। यहां से राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी सांसद रह चुके हैं। यह सीट भाजपा नेताओं की सबसे पसंदीदा सीटों में से एक हैं। विदिशा संसदीय सीट को लेकर ये भी कहा जाता है कि यहां का वोटर प्रत्याशी को नहीं बल्कि भाजपा के निशान को वोट करता है।

 

केवल दो बार ही जीत पाई कांग्रेस
विदिशा संसदीय सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी। तब से 2014 तक इस संसदीय सीट में अभी तक 15 चुनाव हुए हैं। 13 बार आ चुनाव और 2 बार उपचुनाव। यहां कांग्रेस अभी तक केवल दो बार ही जीत पाई है। यहां जनसंघ और भाजपा की ही दबदबा रहा है। 1967 में पहली बार इस सीट से महाराष्ट्र के विख्यात वैद्य पंडित शिव शर्मा ने जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ यहां पर जनसंघ का खाता खुला था।

दिग्गजों की पसंद विदिशा संसदीय सीट
विदिशा संसदीय सीट भाजपा के दिग्गजों की पहली पसंद रहती है। यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, शिवराज सरकार में वित्त मंत्री रहे राघवजी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और रामपाल सिंह चुनाव जीत चुके हैं।

 

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आवडवाणी के कहने चुनाव लड़े थे अटल बिहारी
साल 1991 के लोकसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी ने विदिशा संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर पहले भाजपा के राघवजी ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था लेकिन नामांक के आखिरी समय में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया था। आडवाणी के कहने पर अटल बिहारी वाजपेयी यहां से चुनाव लड़ने आए। अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ संसदीय सीट से पहले ही नामांकन कर दिया था। आडवाणी ने योजना बनाई की लखनऊ के साथ अटल जी को एक सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ना चाहिए और आडवाणी ने अटलजी के लिए विदिशा संसदीय सीट चुनी थी। हालांकि दोनों सीटों पर जीतने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पास लखनऊ सीट रखी और विदिशा संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया था।

शिवराज पांच बार बने सांसद
अटल बिहारी वाजपेयी के इस्तीफा देने के बाद इस सीट में उपचुनाव हुए। भाजपा ने तब के बुदनी विधायक शिवराज सिंह चौहान को यहां से उम्मीदवार बनाया। उसके बाद शिवराज सिंह चौहान यहां से लगातार पांच बार चुनाव जीते।

 

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2009 में सुषमा ने विदिशा से लड़ा चुनाव
2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पार्टी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज को इस सीट के लिए चुना। सुषमा स्वराज यहां से लगातार दो बार सांसद रहीं।

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