नालों को खत्म कर बन रही स्मार्ट सिटी की हाईराइज इमारतें, एनजीटी ने जांच करने बनाई समिति

एक माह में मौका मुआयना कर समिति देगी रिपोर्ट, याचिका में लगाया गया है बहुमंजिला इमारतों के लिए नालों को पूरने का आरोप

भोपाल। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने टीटी नगर में ऊंची बहुमंजिला इमारतें बनाते समय नालों का अधिकांश क्षेत्र पाट दिया है। इससे यहां पर पानी की निकासी बाधित हो गई है और यहां पर जलभराव की आशंका बन रही है। एक याचिका में यह शिकायत किए जाने पर एनजीटी ने जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति को चार सप्ताह में सभी तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

एनजीटी सेंट्रल जोनल बेंच ने विजय पाटनी द्वारा लगाई गई याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की। ट्रिब्यूनल ने याचिका में बताए गए तथ्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति बनाई है। इसमें भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, नगर निगम और मध्यप्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति को निर्देश दिया गया है कि वे मौके का निरीक्षण कर सभी तथ्यों की जांच कर ई-मेल से अपनी रिपोर्ट दें। याचिकाकर्ता को भी एक सप्ताह के अंदर अपना आवेदन और उससे संबंधित सभी रिकॉर्ड समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में मांग की है कि भोपाल स्मार्ट सिटी का काम रोककर यहां बहने वाले नाले और अन्य क्षेत्र को अपने पहले के स्वरूप में लाया जाए, इसके साथ पर्यावरणीय अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी होना चाहिए।


व्यापारियों की मांग पहले दो हजार व्यापारियों के लिए दुकान बनाएं, फिर बनाएं स्मार्टसिटी

भोपाल। स्मार्टसिटी के टीटी नगर एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में दुकानदारों ने निगम व स्मार्टसिटी को यहां क्षेत्र के दुकानदारों के लिए दो हजार दुकानें विकसित करने की मांग की। व्यापारी रहवासी कल्याण महासंघ के बैनर तले दुकानदारों को एक दल मंगलवार को निगम आयुक्त वीकेएस चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सुपूर्द किया। स्मार्टसिटी को लेकर करीब एक घंटे तक निगम व स्मार्टसिटी के अफसरों से चर्चा की। दल के राकेश जैन ने उन्हें कहा कि स्मार्टसिटी के एबीडी प्रोजेक्ट को पूरा करना है तो सभी दुकानदारों को इसी क्षेत्र में पहले दुकानें देना होगी। इनकी संख्या दो हजार के करीब है।
ये भी मांग की

- एबीडी प्रोजेक्ट में निजी, पट्टेदार व आवंटियों की जमीन छोड़कर भौतिक सत्यापन किया जाए।
- रोशनपुरा रंगमहल से जवाहर चौक- डिपो चौराहा मार्ग 45 मीटर से 30 मीटर का प्लान किया जाए।

- बुलेवार्ड स्ट्रीट के समानांतर सड़क 30 मीटर से 12 मीटर की जाए या फिर उसे गुरुद्वारे के पास ही इसे खत्म किया जाए। ओल्ड एमएलए क्वार्टर प्रभावित न हो।
- स्टेडियम हाट बाजार व सिग्रेचर टॉवर के लिए काटजू अस्पताल की सड़क 30 मीटर की जाए।

- स्मार्टसिटी से जुड़े नाले व यूटिलिटी निर्माण को पहले पूरा किया जाए।
- 200 गुमटी व्यापारियों को मार्केट के पास ही किसी प्लॉट पर अस्थाई आवंटन हो।

सुनील मिश्रा
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