आप पर है एमपी पुलिस की नजर..नहीं दिखाया पासपोर्ट/वीजा तो होगी कार्रवाई

यदि कोई विदेशी मांगे जाने पर भी पासपोर्ट दिखा पाने में असमर्थता जताता है या फिर नहीं दिखाता है, तो उससे पूरी सख्ती से निपटा जाएगा।

By: sanjana kumar

Published: 11 Oct 2017, 01:25 PM IST

 

भोपाल। भोपाल के मंडीदीप में सामने आए अकाउंट हैकिंग फ्रॉड के मामले में हुए चौंकाने वाले खुलासों के बाद साइबर क्राइम टीम ने अवैध तरीके से राजधानी भोपाल समेत पूरे एमपी में रह रहे विदेशियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। दूसरे देशों से भारत आकर अपराधों को अंजाम देने वाले संदिग्धों की धर-पकड़ के लिए पुलिस ने इस दिशा में अब पहले से ज्यादा सख्ती के बारे में कहा है। इस सूचना के मुताबिक भारत में रह रहे किसी भी विदेशी को पासपोर्ट या वीजा मांगे जाने पर उसे दिखाना अनिवार्य होगा। यदि कोई विदेशी मांगे जाने पर भी पासपोर्ट दिखा पाने में असमर्थता जताता है या फिर नहीं दिखाता है, तो उससे पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। जानें पूरा मामला और कैसे होगी कार्रवाई...

पिछले दिनों मंडीदीप की एक फर्म का अकाउंट हैकर नाइजीरियन्स ने भारतीय दलालों के साथ मिलकर लाखों रुपए क राशि निकाली और दूसरे राज्यों के शहरों में रह रहे अन्य नाइजीरियनों के अकाउंट्स में भेज दीं। वहीं एक बड़ा हिस्सा अपने पास रखा और उसी में से भोपाल में उनका सहयोग करने वाले दलालों को भी दिया। साइबर पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को भोपाल समेत अन्य राज्यों के शहरों से गिरफ्तार किया। इस मामले में जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि भारत के अलग-अलग राज्यों के कई शहरों में नाइजीरियन बड़ी संख्या में रह रहे हैं। इनमें से ज्यादातर के पास पासपार्ट वीजा नहीं थे।

अब होगी ये कार्रवाई
साइबर क्राइम या अन्य अपराधों को अंजाम देने वाले दूसरे देशों के नागरिकों के पास अब यदि पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला तो साइबर पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी। फॉरेनर एट के अंतर्गत विदेशियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इसलिए पड़ रही सख्ती की जरूरत

नियमानुसार तय समय सीमा तक ही किसी अन्य देश का नागरिक पासपोर्ट और वीजा के आधार पर किसी देश में रह सकता है। लेकिन भारत में रहने वाले ज्यादातर नाइजिरियन नियत तिथि निकलने के बावजूद एमपी समेत दूसरे राज्यों में रह रहे हैं। साइबर पुलिस के पास कार्रवाई का अधिकांश बैंक हैकिंग फ्रॉड मामलों में नाइजीरियनों की भूमिका संदिग्ध रहती है। नाइजीरियन विभिन्न वाहनों से भारत आते हैं, जैसे पर्यटक वीजा, शिक्षा वीजा और मेडिकल वीजा। इन वीजा के आधार पर वे भारत में प्रवेश करते हैं। लेकिन वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी वे यहीं रुके रहते हैं। अधिकांश नाइजीरियन नाइजीरिया में बैठे हैकर्स के साथ मिलकर इस साइबर फ्र्रॉड को ही अपना पेशा बना लेते हैं।

इनसे भी निपटेगी पुलिस
साइबर टीम ने खुलासा किया है कि जब नोएडा में इन लोगों से वीजा, पासपोर्ट मांगे गए, तो जिन-जिन लोगों से पूछा गया, उनके पास न वीजा था न पासपोर्ट और जिनके पास था वो एक्सपायर्ड हो चुका था। साइबर पुलिस ने इनके मकान मालिकों को बुलाया जा रहा है ताकि उनसे पूछा जा सके कि बिना वीजा, पासपोर्ट देखें उन्होंने इन्हें मकान किराए पर कैसे दे दिए थे।

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