न मुद्दे, ना दावे, जाति पर आकर सिमटे उपचुनाव

न मुद्दे, ना दावे, जाति पर आकर सिमटे उपचुनाव

anil chaudhary | Publish: Feb, 15 2018 10:29:03 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

दोनों जगह कांग्रेस ने उतारे यादव उम्मीदवार। - भाजपा ने जाति को ध्यान में रखकर भेजे नेता।

भोपाल। मुंगावली और कोलारस उपचुनाव में क्षेत्र की समस्याएं, विकास के मुद्दे और सरकार के कामकाज के दावे जातिगत समीकरण के नीचे दबकर रह गए हैं। पिछले डेढ़ दशक में संभवत: यह पहला उपचुनाव है, जिसे भाजपा और कांग्रेस जातिगत समीकरण से साध रही हैं। भाजपा ने मंत्रियों की तैनाती से लेकर घोषणाओं तक में जाति का ध्यान रखा है। वहीं, कांग्रेस ने टिकट ही सबसे ज्यादा जाति के उम्मीदवार को दिया है।

 

** मुंगावली**
- इस यादव बहुल सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने यादव उम्मीदवार को उतारे हैं। भाजपा से पूर्व विधायक देशराज यादव की पत्नी बाईसाहब यादव उम्मीदवार हंै, तो कांग्रेस की ओर से ब्रजेंद्र सिंह यादव मैदान में हैं।
- भाजपा ने यादव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए मुंगावली में सिंधिया के सांसद प्रतिनिधि केपी यादव को तोड़कर पार्टी मंे शामिल किया। भाजपा चुनाव जीती तो यादव की धर्मपत्नी को चुनाव के बाद अशोकनगर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिल सकती है।
- कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव मुंगावली में यादव समाज की बैठकें ले चुके हैं।
- लोधी वोटरों को लुभाने के लिए भाजपा ने नए नवेले मंत्री जालम सिंह पटेल के साथ ही ग्वालियर के प्रीतम लोधी को प्रचार में उतारा है।
- भाजपा ने यहां तीन मंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह, रामपाल सिंह और जयभान सिंह पवैया के साथ अरविंद भदौरिया को जातिगत समीकरण साधने भेजा है।
- कांगे्रस ने अनुसूचित जाति के वोटर साधने तुलसी सिलावट और प्रभुराम चौधरी को भेजा है, तो क्षत्रिय वोट के लिए गोंविद राजपूत मैदान में हैं।

** कोलारस**
- कांग्रेस की नजर यहां भी यादव समाज के २४ हजार वोट पर है, इसलिए पार्टी ने दिवंगत विधायक राम सिंह के बेटे महेंद्र सिंह यादव को मैदान में उतारा है। अरूण यादव यहां भी यादव समाज को साध रहे हैं।
- सहरिया आदिवासियों के लिए सरकार ने पिछले छह महीने में आधा दर्जन घोषणाएं की हैं। इसमें आदिवासी परिवार को प्रतिमाह पौष्टिक आहार के लिए १-१ हजार की सहायता से लेकर पुलिस में सहरिया की सीधी भर्ती तक शामिल है।
- कुशवाहा समाज को साधने के लिए नवनियुक्त मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा शपथ के बाद से ही दोनों विधानसभा क्षेत्र में लगातार कैंप कर रहे हैं।
- किरार, धाकड़ समाज को लुभाने के लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री के पुत्र कार्तिक सिंह चौहान कोलारस पहुंचे थे। स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य की भी धाकड़, लोधी, वैश्य समाज की बैठक लेकर जोडऩे की कोशिश की है।
- भाजपा ने तीन मंत्री लालसिंह आर्य, रुस्तम सिंह और उमाशंकर गुप्ता के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा की ड्यूटी जातिगत समीकरण को देखकर ही लगाई है।
- कोलारस के सहरिया आदिवासियों को अपने पाले में लाने के लिए कांग्रेस के दो आदिवासी नेता बाला बच्चन और कांतिलाल भूरिया इसी इलाके में डटे हैं।
- कांग्रेस ने केपी ङ्क्षसह, रामनिवास रावत, राजेंद्र भारती और महेंद्र सिंह सिसोदिया की ड्यूटी जातिगत समीकरण साधने लगाई है।
- कोलारस मंें भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र जैन की काट के लिए कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को प्रचार के लिए भेजा है।

 

** कहां किस जाति के कितने वोटर
मुंंगावली
यादव- 50 हजार
अनुसूचित जाति - 35 हजार
लोधी- 20 हजार
दांगी- 18 हजार
कटारिया- 15 हजार
ब्राह्मण, कुशवाहा, गुर्जर - 10-10 हजार
जैन, मुस्लिम - 7-7 हजार
अन्य - 9 हजार
मतदाता - 191009 लगभग
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कोलारस
सहरिया आदिवासी- 32 हजार
अनुसूचित जाति - 35 हजार
यादव- 24 हजार
वैश्य - 7 हजार
किरार- 22 हजार
गुर्जर- 5 हजार
कुशवाहा- 17 हजार
लोधी- 13 हजार
मुस्लिम 5 हजार
अन्य - अन्य 80 हजार
मतदाता - 244454 लगभग
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कांग्रेस के लिए सभी धर्म, जाति और वर्ग एक समान है। जातिवाद की राजनीति भाजपा करती है और इन उपचुनावों में यह साफ नजर आ रहा है।
- पंकज चतुर्वेदी, प्रवक्ता, मप्र कांग्रेस कमेटी

दोनों जगह विकास ही चुनाव का मुद्दा है, क्योंकि कांग्रेस के विधायक विकास नहीं कर रहे थे। जातिगत राजनीति कांग्रेस करती है। हमने तो जाति देखकर उम्मीदवार नहीं उतारे, कांग्रेस ने जरूर यह किया है।
- विजेश लूनावत, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा मप्र

 

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