समिति सदस्यों ने महिला आयोग अध्यक्ष को सुनाई अपनी पीड़ा बोली- पीडि़ताओं को न्याय दिलाने में अधिकारी नहीं करते मदद

समिति सदस्यों ने महिला आयोग अध्यक्ष को सुनाई अपनी पीड़ा बोली- पीडि़ताओं को न्याय दिलाने में अधिकारी नहीं करते मदद

Yogendra Kumar Sen | Updated: 28 Jan 2018, 09:53:19 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

समिति सदस्यों ने की शिकायत...

भोपाल. मैडम, हम जब भी किसी महिला को न्याय दिलाने किसी अधिकारी के पास या थाने ले जाते है तो कार्यालय अधिकारी न तो हमारी शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं और न ही हमारी अनुसंशाओं को। कई बार तो अधिकारी शिकायत सुनने के लिए ही कार्यालय के कई चक्कर लगवाते हैं।

ये बात समिति सदस्यों ने महिला आयोग अध्यक्ष लता वानखेड़े के समक्ष शनिवार को आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। इस पर वानखेड़े ने हर संभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण आयुक्त जयश्री कियावत, महिला आयोग सदस्य गंगा उईके एवं आयोग की जिला स्तरीय समितियों के पदाधिकारी सदस्य मौजूद रहे।

हम पर ही आरोप

कई बार थाने में बैठे अधिकारी या अन्य विभाग के अधिकारी रसूखदारों के प्रेशर में शिकायत पर कार्रवाई करने में टालमटोल करने लगते हैं। उल्टा हमसे यह कहते हैं कि आवेदिका को सिखापढ़ा कर थाने लेकर आई हो।

समाज का दबाव

प्रताडऩा का शिकार ग्रामीण महिलाओं पर पारिवारिक और सामाजिक दबाव भी बनाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई परिवार व जाति वर्ग हैं जो महिलाओं पर यह दबाव बनाए रखते हैं कि यदि उन्होंने कहीं शिकायत दर्ज कराई तो परिवार व समाज उनसे नाता तोड़ देगा।

इन्हें किया सम्मानित :

महिला सशक्तिकरण आयुक्त जयश्री कियावत
मुख्य सलाहकार प्रशिक्षक प्रमोद दुबे
महिला आयोग अध्यक्ष लता वानखेड़े
महिला आयोग सदस्य गंगा उईके

शिकायत करने आयोग पहुंची महिला...
इससे पहले एक मामला भोपाल में सामने आया है। जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके ससूराल वालों ने उसे घर से केवल इसलिए निकाल दिया क्योंकि उसके पिता आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी कुछ डिमांड पूरी नहीं कर सके।

पीड़िता के मुताबिक पिताजी ने मेरी शादी में ससुराल वालों को कुछ रुपए नकदी, सोने की चेन और अंगूठी देने की बात की थी। लेकिन, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे यह सब नहीं दे पाए। इसलिए शादी के बाद ससुराल वालों ने मुझे घर से निकाल दिया।

न्याय के लिए पति समेत ससुराल वालों के खिलाफ यह शिकायत कोलार निवासी अंजना कुमरे (परिवर्तित नाम) ने महिला आयोग में दर्ज कराई।

 

महिला ने आरोप लगाया कि मई 2016 में उसकी शादी छिंदवाड़ा में हुई थी। इसके बाद उससे सोने की चेन, अंगूठी और दहेज की डिमांड की जाने लगी। इसे पूरा नहीं करने पर उसे कमरे में बंद कर दिया गया। उसे किसी से भी बात करने की इजाजत नहीं थी।

शादी के दो माह बाद ही पति कैलाश और ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे घर से ही निकाल दिया। उसके साथ मारपीट कर उसे छिंदवाड़ा स्टेशन छोड़कर चले गए। अनिता ने बताया कि वो डेढ़ साल से महिला मायके में रह रही है। पति को फोन लगाओ तो वह बात तक नहीं करता है। सास-ससुर कहते हैं कि जब तक दहेज नहीं लाएगी, तब तक घर में कदम तक नहीं रखने देंगे। आयोग की सदस्य गंगा उइके ने कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए इसे आगामी सुनवाई में रखा जाएगा।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned