सीएम का निर्देश, लॉकडाउन के बाद तीन महीने तक नहीं हो रोजगार की दिक्कत

सीएम ने कहा- प्रदेश में विकास की नई राह बनाना है।

By: Pawan Tiwari

Published: 23 Apr 2020, 08:52 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना समस्या कम होने के बाद जरूरतमंदों को राहत देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 3 माह में रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण वायरस से शहरी और ग्रामीण इलाकों में मजदूरी से जुड़े लोगों का जीवन काफी प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक चुनौती है, इसे अवसर में बदलना है। प्रदेश में विकास की नई राह बनाना है।

मुख्यमंत्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लॉक डाउन की स्थिति समाप्त होने के बाद श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करवाने का कार्य शुरू किया जाना बहुत आवश्यक होगा। इसके लिए ग्रामों और शहरों में ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक निर्माण, वन और अन्य विभाग विभिन्न कार्यों के संचालन का खाका तैयार करें। अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्री मनोज श्रीवास्तव को इस संबंध में रोजगार से जोड़े जाने वाले श्रमिकों की अनुमानित संख्या का आकलन कर अवगत कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन महीने मई, जून, जुलाई में विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से रोजगार के इच्छुक व्यक्तियों को जोड़ने का कार्य किया जाए। इसकी आवश्यक तैयारी इसी सप्ताह पूर्ण कर ली जाए। अभियान के तौर पर रोजगार बढ़ाने की कार्य योजना बना कर उसका क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसे ग्रामीण क्षेत्र, जो कोरोना समस्या से मुक्त हैं, वहां निर्माण कार्यों और श्रमिकों के आने-जाने पर प्रतिबंध न हो। लॉक डाउन समाप्ति के पूर्व भी कंटेनमेंट क्षेत्र न होने की दशा में मनरेगा सहित अन्य श्रमिकों को कार्य के लिए आवाजाही की सुविधा दी जाए। इस संबंध में जिलों में आवश्यक निर्देश भेजे जाएं।

जहां रोग से संक्रमित व्यक्ति हों, उन्हें निर्माण और कार्यस्थल पर न आने दें। पूर्ण सावधानी के साथ कार्यों का संचालन हो। ग्रामों में मेड़ बंधान, वृक्षारोपण आदि कार्यों से किस तरह अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिले, इसकी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं एक बड़ी ताकत हैं। इन्हें रोजगार देने वाले कई कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं। विशेष रूप से माता की रसोई के गठन की दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जाए। इसके अंतर्गत महिलाओं की कार्य कुशलता का उपयोग किया जा सकता है। मास्क एवं अन्य सुरक्षा उपकरण के निर्माण के कार्य और शिशुओं के लिए वस्त्र तैयार करने के कार्य की भी योजना तैयार की जाए।

Pawan Tiwari
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