गुलमोहर वर्टिकल वॉल में एक भी पौधा जीवित नहीं

अन्य वर्टिकल गार्डन के भी पौधे रहे सूख, नहीं दिया जा रहा ध्यान...

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी को मुंबई और पुणे की तर्ज पर सुंदर बनाने के लिए वर्टिकल गार्डन का प्रयोग किया गया, लेकिन समुचित ध्यान नहीं रखे जाने से शहर में जगह-जगह बनाए गए वर्टिकल गार्डन और वॉल के पौधे सूख रहे हैं। गुलमोहर कॉलोनी में कुछ दिनों पूर्व बनाई गई वर्टिकल गार्डन वॉल के तो सभी पौधे सूख गए हैं और जिम्मेदारों को इसका पता नहीं है।


सबसे पहले नगर निगम की उद्यान शाखा ने रवीन्द्र भवन के पास दो वर्टिकल वॉल बनाई थीं। इन वर्टिकल वॉल में छोटे गमलों में रंग-बिरंगे फूल-पत्तियों वाले पौधे लगाए गए थे। यह कार्य संजय लैंडस्कैप सोल्यूशंस ने यह कार्य किया था।

इन वर्टिकल वॉल में डिनेलिया ग्रास- 612, स्क्रेटिया पर्पल- 1136, एरसिन रीप- 600, एस्परेगस स्प्रिंगेरी- 864, रोयो- 632 प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे। गमलों में मिट्टी की जगह नारियल की भूसी, थर्माकोल आदि का खाद डाला गया ताकि गमलों में ज्यादा भार न पड़े और ये टूटें नहीं। इनको हरा भरा रखने के लिए दिन में तीन-चार बार पानी देना था, लेकिन कई दिनों तक पानी नहीं दिया जा रहा है। शहर में इस तरह का यह पहला गार्डन था। नगर निगम की तत्कालीन उद्यान प्रभारी सुधा भार्गव ने इस गार्डन को बनाने में करीब 10 लाख रुपए की लागत बताई थी।

रवीन्द्र भवन वर्टिकल गार्डन के अलावा अन्य स्थानों पर भी इनका हाल बुरा है। लिंक रोड-1 पर शिवाजी प्रतिमा, एमपी नगर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा, रोशनपुरा चौराहे पर जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा आदि स्थलों पर भी रखरखाव न होने से वर्टिकल गार्डन के पौधे सूखकर नष्ट होने लगे हैं।


कुछ वर्टिकल गार्डन स्मार्ट सिटी ने भी बनवाए, लेकिन उनका रखरखाव नहीं किया जा सका। गोविंदपुरा स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय के शुभारंभ के समय बनाया गया वर्टिकल गार्डन एक महीने में ही सूख गया था। इस गार्डन पर नगर निगम ने करीब 16 लाख रुपए खर्च किए थे। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका उद्घाटन किया था।

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वेश द्वार से लेकर मुख्य बिल्डिंग तक दोनों और बनाई गई आर्टिफिशयल वॉल पर प्लास्टिक के छोटे-छोटे गमलों मेें सजावटी पौधे लगाकर आकर्षक बाल बनाई गई थी। गौरतलब है कि नगर निगम ने वर्टिकल गार्डन बनाने का कांट्रेक्ट अशोक पुरुषवानी को दिया था। हैरत की बात है कि इस ठेके में कहीं भी पौधों के मेंटनेंस और सिंचाई का जिक्र नहीं किया गया था। इसके रखरखाव पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।


वर्टिकल गार्डन का ये प्रोजेक्ट हमारा नहीं है। यह नगर निगम का है। उन्हीं से बात कीजिए।
- नितिन दवे, पीआरओ, स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन
मैंने हाल ही में चार्ज लिया है। सभी पार्कों, सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट और वर्टिकल गार्डन्स की जानकारी ले रहा हूं। वर्टिकल गार्डन के पौधों की सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है। पौधों को सूखने/नष्ट होने से बचाया जाएगा।
- विनोद शुक्ला, प्रभारी उपायुक्त-उद्यान शाखा, नगर निगम

दिनेश भदौरिया
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