शिवराज के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार - दिग्विजय

शिवराज के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार - दिग्विजय

anil chaudhary | Publish: Sep, 12 2018 09:25:02 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

संगत की पंगत में बोले दिग्विजय, जो कहना है कान में कहो रायता मत फैलाना - शिवराज के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार - दिग्विजय

भोपाल : समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने भोपाल के मानस भवन में नेताओं के आपसी मतभेद दूर करने के लिए नेताओं से मुलाकात की। दिग्विजय ने नेताओं से साफ कहा कि जो कहना है कान में कहो, सार्वजनिक तौर पर बोलकर रायता मत फैलाना। इसके बाद जो भी नेता या उनके समर्थक दिग्विजय से मिलते तो कान में पसंदीदा दावेदार का नाम बोलकर आगे बढ़ जाते।

दिग्विजय की नेताओं से मुलाकात दावेदारों के लिए शक्ति प्रदर्शन का मौका भी बन गई। कई टिकट चाहने वाले नेता अपने समर्थकों के साथ समन्वय समिति के सामने पहुंचे। दिग्विजय ने सभी नेताओं को दो बार संकल्प दिलवाया कि टिकट किसी को भी मिले वोट हाथ के पंजे को दिया जाएगा, उन्होंने कहा कि वे टिकट बंटने के बाद फिर से समन्वय की बैठक करेंगे ताकि कांग्रेस का कोई नेता निर्दलीय खड़ा न हो। दिग्विजय ने संगत की पंगत लगाकर सभी नेता और कार्यकर्ताओं के साथ खाना खाया। इस दौरान के दिग्विजय और सत्यव्रत चतुर्वेदी के अलावा सुरेश पचौरी और आरिफ अकील जैसे राजनीतिक विरोध भी एक साथ नजर आए।

- सीएम के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार - दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार पर व्यापम,अवैध उत्खनन, ई टेंडरिंग कर रीवा-सतना के रीडेंसीफिकेशन के ठेके एक ही व्यक्ति को देने के आरोप लगाए। दिग्विजय ने कहा कि उन पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया था इसलिए सीएम के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार हो गया है जल्द ही उनको भेज दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समन्वय यात्रा में सामने आया है कि जो जूते-चप्पल बांटे गए थे उनसे आदिवासियों को चर्म रोग हो गया है और वे टूट भी गए हैं। इसके अलावा जूते,चप्पल,साड़ी और बॉटल बाजार से तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए। दिग्विजय ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम कर दी जाए और शिवराज सरकार यदि २००४ का वैट लगा दे तो पेट्रोल-डीजल की कमतों में १५-२० रूपए प्रति लीटर की कमी आ जाएगी।

- केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना - दिग्विजय ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। दिग्विजय ने कहा कि नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, नए नोट सबसे पहले मोदी-शाह के प्रभाव वाले सहकारी बैंको को दिए गए, इस अव्यहारिक फैसले से न तो काला धन वापस आया और न ही नकली नोटों का चलन कम हुआ,इससे न जाने कितने लोग बेरोजगार हो गए। दिग्विजय ने कहा कि भाजपा देश में आंदोलन करा कर डीजल-पेट्रोल जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

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