मध्य प्रदेश में भू-अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन, नहीं हो सकेगी गड़बड़ी

भू-अभिलेखों डिजिटलाइजेशन परियोजना के लिए 59 करोड़ 89 लाख होंगे खर्च

By: Hitendra Sharma

Published: 05 Aug 2020, 11:00 AM IST

भोपाल. शिवराज मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम के तहत मध्यप्रदेश में भू-अभिलेखों का डिजिटाइजेशन परियोजना क्रियान्वयन के लिए परियोजना की अनुमानित राशि 59 करोड़ 89 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने का निर्णय लिया। डिजिटाइजेशन के लिये उपलब्ध राशि 25 करोड़ 80 लाख रूपये के अतिरिक्त व्यय की शेष राशि 34 करोड़ 9 लाख रूपये के लिए लोक सेवा प्रबंधन विभाग के द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना में उपलब्ध राशि में से अधिकतम 15 करोड़ रूपये का उपयोग किया जायेगा।

डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत मध्यप्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति के बैंक खाते में राज्यांश की कुल राशि से प्राप्त ब्याज की राशि लगभग 8 करोड़ रूपये का उपयोग किया जायेगा। डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत केन्द्रांश की कुल राशि से प्राप्त ब्याज की राशि लगभग 11 करोड़ 9 लाख रूपये को भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त कर उपयोग किया जायेगा अथवा उपयोग की अनुमति प्राप्त नहीं होने पर उक्त राशि का बजट प्रावधान वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5 करोड़ 50 लाख रूपये तथा वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ 50 लाख रूपये शामिल कराया जाकर व्यय का भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्यप्रदेश में मंत्रि-परिषद की दूसरी वर्चुअल बैठक हुई। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रीगण ने विभिन्न स्थानों से भागीदारी की। दो विभागों के प्रस्तुतिकरण लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण और खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने अपनी महत्तवपूर्ण योजनाओं की जानकारी एवं प्रगति से मंत्रि-परिषद को अवगत कराया।

Hitendra Sharma
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