बीयू में भी डीजल घोटाले की बू

पेट्रोल डीजल डलवाने के लिए दी जा रही पर्ची के नाम पर हो रहा खेल

By: Sumeet Pandey

Published: 29 Mar 2019, 06:06 AM IST

भोपाल. नगरनिगम में हुए भारी डीजल घोटाले की तर्ज पर बरकतउल्ला विवि में पेट्रोल डीजल घोटाले का मामला सामने आया है। यहां पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए ड्राइवर्स को दी जा रही पर्ची में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। इस मामले में कुलपति डॉ. आरजे राव से शिकायत की गई है। इस पूरे मामले में वाहन सेल प्रभारी डिप्टी रजिस्ट्रार यशवंत पटेल की लापरवाही भी सामने आ रही है।

जानकारी के अनुसार बीयू में करीब 16 वाहन हैं। इनमें एक-एक ड्राइवर नियुक्त है। बीयू के वाहन सेल प्रभारी पटेल पेट्रोल और डीजल की पर्ची काटकर ड्राइवर को देते हैं, लेकिन वाहनों में पर्ची के अनुसार पेट्रोल-डीजल डलवाया जा रहा है या नही इसकी मॉनीटरिंग का कोई सिस्टम विवि में नही है। विवि सूत्रों के अनुसार प्रति वाहन 55 से 65 लीटर डीजल और पेट्रोल पर्ची दी जा रही है जबकि गाडिय़ां में इसका आधा पेट्रोल डीजल ही डलवाया जा रहा है। इनमें कुछ विशेष पेट्रोल पंप के कर्मचारियों की मिलीभगत से नगद राशि ले ली जाती है।

 

रजिस्टर पर एंट्री बंद

विवि सूत्रों के अनुसार प्रति गाड़ी ऑयल लेने की एंट्री के लिए रजिस्टर बनाया गया है, लेकिन इसकी एंट्री भी लंबे समय से बंद है। गांडी नंबर एमपी 04 जीए 7946 के ड्राइवर पर आरोप है कि उसने आठ लीटर आयल लिया। ये ऑयल सर्विसिंग के नाम पर लिया गया। जिसकी एंट्री रजिस्टर पर नहीं हुई है। इसमें शक इसलिए भी सामने आया है कि आयल बदलने के साथ ही वाहन में आयल फि ल्टर, डीजल फि लटर और एयर फि लटर बदले जाते हैं। ड्राइवर ने आयल का बिल तो लगा दिया, लेकिन तीनों फि ल्टर के बिल नहीं दिए। इससे स्पष्ट है कि ड्रायवर ने फ र्जी बिल लगाया है।

खड़ी एंबुलेंस का भी जमा किया जा रहा बिल--

बरकतउल्ला विवि में खड़ी एंबुलेंस पर भी पेट्रोल खर्च दिखाया जा रहा है। एंबुलेंस की चाबी चार ड्राइवर के पास रहती है। इसमें बीस दिन में तीस लीटर पेट्रोल लिया जा रहा है जबकि एम्बुलेंस ज्यादातर समय खड़ी ही रहती है। एंबुलेंस कहां और किसके लिए जा रही है। बीयू में इसका हिसाब किताब किसी के पास नहीं हैं जबकि उसके बिल बीयू पहुंच गए हैं।

एजी ग्वालियर के निर्देश का भी नही हो रहा पालन

नियंत्रक महालेखा परीक्षक ग्वालियर ने अपने निरीक्षण के दौरान बीयू को निर्देशित किया था कि सभी वाहनों का एवरेज चेक किया जाए। एवरेज चेक होने का कार्य करीब एक साल से बंद पड़ा है। रजिस्टर पर भी उनका एवरेज नहीं दर्ज किया जा रहा है।

 

बीयू में वाहनों के पेट्रोल डीजल में गड़बड़ी की जानकारी आई है। इस पूरे मामले को लेकर इसके प्रभारी बात की जाएगी। यह कैसे हो रहा है इसकी जांच भी कराई जाएगी।
डॉ. आरजे राव, कुलपति बीयू

 

Sumeet Pandey Desk
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