अब ई-एफआईआर, शिवराज बोले- 1 लाख तक की चोरी की हो सकेगी ई-एफआईआर

प्रदेश में मध्यप्रदेश पुलिस मोबाइल एप की सुविधा भी प्रदान की गई

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भोपाल। प्रदेश में अब ई-एफआईआर की व्यवस्था लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को जन-कल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समारोह में सिटीजन पोर्टल का लोकार्पण किया। यहां शिवराज ने कहा कि सरकार सुशासन के लिए लगातार नवाचार कर रही है। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति सिटीजन पोर्टल पर ई-एफआईआर दर्ज करा सकेगा। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट या सिटीजन पोर्टल पर स्वयं का पंजीयन कर पंजीकृत आईडी से लॉगिन करके ही ई-एफआईआर दर्ज की जा सकेगी। उक्त ई-एफआईआर आवेदन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद आवेदक को अपनी एफआईआर के विभिन्न चरणों की अपडेट जानकारी एसएमएस व ई-मेल से दी जाएगी। सिटीजन पोर्टल प्रारंभ हो जाने से पीडि़त व्यक्ति 15 लाख तक की वाहन चोरी या एक लाख तक की सामान्य चोरी के मामलों में ई-एफआईआर दर्ज करा सकेगा। आम व्यक्ति को इससे आधार ई-साइन की सुविधा मिलेगी। आधार ई-साइन युक्त पावती की ऑनलाइन ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से प्राप्ति की सुविधा मिलेगी।
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प्रदेश में मध्यप्रदेश पुलिस मोबाइल एप की सुविधा भी प्रदान की गई है। इस एप द्वारा गुम दस्तावेज और मोबाइल गुम होने की सूचना की इलेक्ट्रॉनिक पावती, संकट के समय परिजनों एवं डॉयल-100 को एसएमएस भेजने की सुविधा, गुमशुदा व्यक्ति अथवा अज्ञात शव की जानकारी सर्च करने की सुविधा प्रदान की गई है।

महिला अपराध को नियंत्रित करने एवं महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश के सभी जिलों में महिला थानों की स्थापना की गई है। प्रदेश में कुल 1159 थानों के लिये डॉयल-100 की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अपराधों पर बेहतर नियंत्रण करने तथा आपातकाल में त्वरित सहायता देने के उद्देश्य से डॉयल-100 तथा सीसी टीव्ही सर्विलेंस व्यवस्था का विस्तारीकरण किया गया है।

प्रदेश में इस वर्ष पुलिस की रिक्तियों पर 4 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में पुलिस विभाग में अधोसंरचनात्मक आवास एवं कल्याण के लिये 380 करोड़ की राशि से निर्मित होने वाले नवीन प्रशासकीय भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे 34 शहरी थाने, 220 अर्द्ध-शहरी/ग्रामीण थाने एवं 199 नवीन पुलिस चौकियों का निर्माण कराये जाने का प्रावधान किया गया है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के आवास निर्माण और लोकार्पण का कार्य निरंतर जारी है।

जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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