छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खबर: अब परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकते प्राइवेट स्कूल

अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भेजें।

By: Pawan Tiwari

Published: 16 Feb 2021, 03:44 PM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश में छात्रों और बच्चों के लिए राहतभरी खबर है। फीस चुकाने में देरी के कारण प्राइवेट स्कूल विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास एवं परीक्षा में बैठने से रोक नहीं सकते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस आशय का आदेश जारी कर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कस दी है। यह नहीं इस ओर ध्यान नहीं दे रहे अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को भेजें।

संचालक लोक शिक्षण केके द्विवेदी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सीबीएसइ बोर्ड से मान्यता प्राप्त एवं माध्यमिक शिक्षा मण्डल से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ओर से शुल्क लिए जाने के संबंध में प्रेषित निर्देशों के उल्लंघन किए जाने की शिकायत मिली है। वहीं, फीस जमा करने में विलम्ब होने पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास और परीक्षा से वंचित किया जा रहा है।

पालकों ने मांग की थी कि निजी स्कूलों द्वारा शुल्क जमा नहीं करने की स्थिति में छात्रों को परीक्षा, ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित न किया जाए। संचालित शालाओं की शिकायत के सम्बंध में तत्काल कार्रवाई कर अवगत कराएं।

पालकों ने निकाला था मार्च
बता दें कि प्राइवेट स्कूलों की ओर से मनमानी मदों में फीस वसूली एवं उनके अनुसार फीस चुकाने में असमर्थ रहने वाले विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास और परीक्षा से वंचित कर दिया जाता है। इसके विरोध में 12 फरवरी को अभिभावकों ने पालक महासंघ के बैनर तले स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया था।

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